August 24, 2026

Abstar News

Latest News, Breaking News & Updates

Reservation के विरोध और महिला Reservation पर सियासी संग्राम, क्या है विवाद?

Reservation

Reservation

Reservation व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं। दिल्ली, लखनऊ, पटना और जयपुर समेत कई शहरों में जाति आधारित Reservation को लेकर आवाजें उठी हैं। रविवार को सेंट्रल दिल्ली में करीब 300 लोगों ने Reservation व्यवस्था की समीक्षा और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को अधिक लाभ देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने Creamy Layer का नियम लागू करने और मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की मांग की। पुलिस ने प्रदर्शन के बाद कई लोगों को हिरासत में लिया।

प्रदर्शनकारियों ने उठाई Reservation सुधार की मांग

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे Reservation के पूरी तरह खिलाफ नहीं हैं, बल्कि इसमें सुधार चाहते हैं। उनका तर्क है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भी शिक्षा और रोजगार में बेहतर अवसर मिलने चाहिए। प्रदर्शन से जुड़े लोगों ने EWS को भी मुफ्त कोचिंग, आवेदन शुल्क में राहत, हॉस्टल और कोर्स फीस जैसी सुविधाएं देने की मांग की है। इसके अलावा Quota Within Quota लागू करने की मांग भी उठाई गई है, ताकि आरक्षित वर्गों के भीतर सबसे वंचित समुदायों तक लाभ पहुंच सके। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर अभियान चल रहा है।

Dalit नेताओं ने Reservation Protest का किया विरोध

Reservation को लेकर शुरू हुए इस आंदोलन पर दलित नेताओं की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि Reservation कोई खैरात नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी प्रदर्शन का विरोध किया। वहीं अखिलेश यादव ने Reservation सुधार के नाम पर इसे खत्म करने की साजिश का आरोप लगाया। मायावती ने आर्थिक आधार पर मौजूदा SC, ST और OBC Reservation को बदलने की मांग को अनुचित बताया। चंद्रशेखर आजाद ने भी कहा कि Reservation व्यवस्था में किसी भी तरह की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी।

Women Reservation को लेकर BJP-Congress आमने-सामने

Women Reservation को लेकर भी BJP और Congress के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। BJP नेता स्मृति ईरानी ने Congress से 33 प्रतिशत Women Reservation लागू करने के लिए समर्थन देने की अपील की। वहीं Congress का कहना है कि पार्टी ने Women Reservation Bill का समर्थन किया था, लेकिन सरकार ने इसे जनगणना और Delimitation से जोड़ दिया। विपक्ष का सवाल है कि महिलाओं को संसद में 33 प्रतिशत Reservation देने वाले कानून को जल्द लागू क्यों नहीं किया जा रहा है।

Delimitation से जुड़ा है Women Reservation का मुद्दा

Women Reservation कानून के लागू होने को Delimitation से जोड़ा गया है। मौजूदा व्यवस्था के तहत लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। विपक्षी दलों की मांग है कि Women Reservation को Delimitation की प्रक्रिया का इंतजार किए बिना लागू किया जाए। वहीं दक्षिणी राज्यों में Delimitation को लेकर अलग चिंताएं हैं। ऐसे में Reservation और Women Reservation दोनों मुद्दे आने वाले समय में देश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.