Noida Crime : बर्थडे पार्टी के बहाने 13 साल के आयुष को बुलाया, फिर हत्या कर पार्क में फेंका शव
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Noida Crime: नोएडा में रक्षाबंधन के पावन पर्व से ठीक पहले एक दर्दनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सेक्टर-20 में रहने वाले 13 वर्षीय आयुष शुक्ला उर्फ हैप्पी को उसके साथियों ने कथित तौर पर बर्थडे पार्टी के बहाने घर से बुलाया था। इसके बाद आयुष घर वापस नहीं लौटा। परिवार ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कई दिनों बाद उसका शव सेक्टर-54 स्थित एक पार्क में मिला। आयुष अपनी बहनों का इकलौता भाई था। बेटे की मौत के बाद मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई।
17 अगस्त को घर से निकला था आयुष
परिजनों के मुताबिक, 17 अगस्त को आयुष के कुछ साथी उसे जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने के बहाने घर से बुलाकर ले गए थे। देर रात तक जब आयुष वापस नहीं आया तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू कर दी। आयुष की मां योगमाया का आरोप है कि उन्होंने पुलिस चौकियों और थानों के चक्कर लगाए, लेकिन कथित तौर पर पुलिस ने पहले नशा उतरने की बात कही और बाद में थाना क्षेत्र को लेकर सीमा विवाद का हवाला दिया। परिवार का आरोप है कि कई दिनों तक गुमशुदगी दर्ज नहीं की गई। इसी बीच 21 अगस्त को सेक्टर-54 के पार्क में आयुष का शव बरामद हुआ।
कलावे से हुई शव की पहचान
आयुष का शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम हाउस में उसकी मां ने हाथ में बंधे कलावे और धागे के आधार पर शव की पहचान की। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। आयुष की बहनों का कहना है कि उनका भाई ही उनका इकलौता भाई था और उसकी मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। शव मिलने के बाद आक्रोशित परिजनों ने पोस्टमॉर्टम हाउस पर हंगामा किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ एनकाउंटर की मांग की। परिवार ने दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
एक नाबालिग पुलिस अभिरक्षा में, अन्य की तलाश
पुलिस के मुताबिक, परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया है। एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि एक नाबालिग को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटनाक्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। वहीं, किशोर के पोस्टमॉर्टम में शरीर पर कोई जाहिरा चोट नहीं मिली है। मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट करने के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। पुलिस अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
पुलिस की भूमिका पर भी उठे गंभीर सवाल
इस मामले में जहां एक तरफ 13 वर्षीय आयुष की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, वहीं दूसरी तरफ परिजनों के पुलिस पर लगाए गए आरोपों ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का कहना है कि अगर गुमशुदगी की शिकायत के बाद तत्काल कार्रवाई होती तो शायद आयुष को बचाया जा सकता था। हालांकि, मामले में पुलिस की जांच जारी है और घटना के पीछे की पूरी वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। Noida Crime News में सामने आई इस घटना ने नाबालिगों की सुरक्षा और पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने और आयुष की मौत की सही वजह सामने लाने की चुनौती है।
