Greater Noida Waterlogging: मिग्सन विलासा सोसाइटी के बेसमेंट में भरा पानी, पार्किंग में फंसी गाड़ियां
Greater Noida Waterlogging
Greater Noida Waterlogging: ग्रेटर नोएडा में पिछले दो दिनों से हुई भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई है। सेक्टर ETA-2 स्थित मिग्सन विलासा सोसाइटी भी इससे अछूती नहीं रही। बारिश के बाद सोसाइटी के बेसमेंट और पार्किंग में बड़ी मात्रा में पानी भर गया, जिससे वहां खड़ी कई गाड़ियां फंस गईं। लोगों को अपने वाहनों को पार्किंग से निकालने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव की वजह से सोसाइटी में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इस घटना के बाद एक बार फिर करोड़ों रुपये की कीमत वाले फ्लैट्स में बुनियादी सुविधाओं और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बारिश के साथ सीवर का पानी भी पहुंचा पार्किंग में
सोसाइटी के निवासियों का आरोप है कि बेसमेंट में सिर्फ बारिश का पानी ही नहीं, बल्कि सीवर का पानी भी पहुंच रहा है। इसके चलते पार्किंग और आसपास के इलाकों में गंदगी फैल गई है। पानी जमा होने से बदबू की समस्या भी पैदा हो गई है और लोगों को मच्छरों के बढ़ने का डर सता रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। सोसाइटी के कई हिस्सों में लोगों को पानी और गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है।
पार्किंग में फंसी गाड़ियां, लोगों की बढ़ी परेशानी
बेसमेंट में पानी भरने के कारण पार्किंग में खड़े वाहन भी प्रभावित हुए हैं। कई गाड़ियां पानी के बीच फंस गईं, जिन्हें बाहर निकालने में वाहन मालिकों को परेशानी हो रही है। निवासियों का कहना है कि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या नई नहीं है और इससे पहले भी सोसाइटी में पानी जमा होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। लगातार बारिश के बाद स्थिति और खराब हो गई। लोगों ने मांग की है कि बेसमेंट से जल्द से जल्द पानी की निकासी कराई जाए और भविष्य में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए।
करोड़ों के फ्लैट, लेकिन सुविधाओं पर सवाल
मिग्सन विलासा सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि यहां करीब एक करोड़ रुपये तक की कीमत वाले फ्लैट हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। लोगों का आरोप है कि उनसे भारी मेंटेनेंस शुल्क लिया जाता है, लेकिन बारिश के दौरान जल निकासी जैसी जरूरी सुविधा भी ठीक से उपलब्ध नहीं कराई जा रही। निवासियों के मुताबिक, प्राधिकरण के अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। जलभराव की इस स्थिति ने बिल्डर और मेंटेनेंस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिल्डर की ओर से नहीं मिला जवाब, पानी निकासी की मांग
मामले को लेकर बिल्डर पक्ष से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। वहीं, सोसाइटी के निवासी जल्द से जल्द बेसमेंट से पानी निकालने और साफ-सफाई कराने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि गंदे पानी और बदबू के कारण रहना मुश्किल हो गया है। Greater Noida Waterlogging की यह घटना नोएडा-ग्रेटर नोएडा की सोसाइटियों में बारिश के दौरान जल निकासी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि संबंधित प्राधिकरण और सोसाइटी प्रबंधन लोगों की परेशानी दूर करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
