US-Iran Tension: ईरान पर फिलहाल नए हमले नहीं करेगा अमेरिका, सहयोगी देशों को दी जानकारी
US-Iran Tension
US-Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के बीच बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल के दिनों में कई देशों के विदेश मंत्रियों से बातचीत में संकेत दिया है कि फिलहाल अमेरिका ईरान के खिलाफ नए बड़े सैन्य हमले शुरू करने की योजना नहीं बना रहा है। इसके बजाय अमेरिका आर्थिक और रणनीतिक दबाव बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस रणनीति में नए प्रतिबंध, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी और होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखना शामिल है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि ईरान पहले हमला करता है तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं कर रहा है।
रुबियो ने सहयोगी देशों को बताई नई रणनीति
Axios की रिपोर्ट के अनुसार, रुबियो ने कई सहयोगी देशों के विदेश मंत्रियों से फोन पर बातचीत के दौरान अमेरिका की मौजूदा ईरान नीति की जानकारी दी। अमेरिकी रणनीति फिलहाल बड़े पैमाने पर सैन्य अभियानों से बचने और ईरान पर दूसरे माध्यमों से दबाव बढ़ाने की है। इसमें अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की ओर से घोषित प्रतिबंध भी शामिल हैं। अमेरिका का लक्ष्य ईरान की आर्थिक क्षमता पर दबाव बनाने के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा बाजारों में तेल की आपूर्ति को अधिकतम बनाए रखना है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह नीति कम से कम मध्यावधि चुनावों तक जारी रहने की उम्मीद है।
होर्मुज में अमेरिकी नौसेना की सक्रियता अहम
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना द्वारा समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाना मौजूदा संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। उनका दावा है कि इससे ईरान की दबाव बनाने की क्षमता काफी हद तक प्रभावित हुई है। अमेरिका का प्रयास है कि इस रणनीतिक जलमार्ग से अधिक से अधिक तेल और अन्य ऊर्जा उत्पाद वैश्विक बाजारों तक पहुंच सकें। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, इसलिए यहां किसी भी तरह का व्यवधान अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस बाजारों पर सीधा असर डाल सकता है।
मंगलवार को सिर्फ पांच कमोडिटी जहाज गुजरे
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से केवल पांच कमोडिटी जहाज गुजरे। यह संख्या एक दिन पहले के मुकाबले लगभग समान रही, लेकिन सामान्य औसत की तुलना में काफी कम है। शिप-ट्रैकिंग कंपनी Kpler के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, दो LPG टैंकर और बिटुमेन ले जाने वाला एक टैंकर जलडमरूमध्य से बाहर निकला। वहीं, कुछ खाली प्रोडक्ट टैंकर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में दाखिल हुए। कम जहाजों की आवाजाही क्षेत्र में बने तनाव और समुद्री सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को दर्शाती है।
क्या आगे फिर शुरू हो सकता है सैन्य अभियान?
अमेरिका की मौजूदा नीति से संकेत मिल रहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिलहाल बड़े युद्ध अभियान में वापस लौटने से बचना चाहते हैं। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने भविष्य में सैन्य विकल्प पूरी तरह बंद नहीं किए हैं। एक अधिकारी के मुताबिक, कम से कम मध्यावधि चुनावों तक आर्थिक और समुद्री दबाव की नीति जारी रहने की संभावना है, जिसके बाद परिस्थितियों के आधार पर सैन्य अभियान पर दोबारा विचार किया जा सकता है। ऐसे में US-Iran Tension के बीच अमेरिका का अगला कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार और मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
