August 26, 2026

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Manimahesh Yatra 2026: मणिमहेश यात्रा शुरू, पैदल श्रद्धालुओं के लिए कड़े नियम लागू

Manimahesh Yatra 2026

Manimahesh Yatra 2026

Manimahesh Yatra 2026:  हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध श्री मणिमहेश कैलाश यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। प्रशासन ने बुधवार सुबह 8 बजे से मणिमहेश की पैदल यात्रा को आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया। इसके साथ ही शिवभक्त जयकारे लगाते हुए पवित्र मणिमहेश धाम की ओर रवाना हुए। वहीं, डीजीसीए से मंजूरी मिलने के बाद भरमौर-गौरीकुंड और होली-गौरीकुंड हेली टैक्सी सेवा भी शुरू कर दी गई है। इससे दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं को यात्रा में काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

पैदल यात्रा के लिए समय निर्धारित

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर आवाजाही को लेकर सख्त नियम लागू किए हैं। श्रद्धालुओं को सुबह 4 बजे से शाम 7 बजे तक ही पैदल यात्रा करने की अनुमति होगी। शाम 7 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्रा पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम साफ होने के बावजूद रात के समय किसी को भी यात्रा मार्ग पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसका उद्देश्य अंधेरे में होने वाली दुर्घटनाओं और प्राकृतिक घटनाओं के जोखिम को कम करना है।

इन इलाकों में भूस्खलन का खतरा

प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर तोष का गोठ और दुनाली को बेहद संवेदनशील क्षेत्र के तौर पर चिह्नित किया है। इन स्थानों पर मौसम सामान्य होने के बावजूद पत्थर गिरने और भूस्खलन का खतरा बना रहता है। वहीं, बारिश होने की स्थिति में यात्रा मार्ग के करीब आठ स्थानों को अति संवेदनशील माना गया है। मौसम खराब होने पर प्रशासन अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करेगा और जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सकता है। यात्रा के दौरान NDRF और SDRF के साथ पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी तैनात रहेंगी।

हेली टैक्सी सेवा को मिली DGCA मंजूरी

मणिमहेश यात्रा के लिए प्रस्तावित हेली टैक्सी सेवा डीजीसीए की मंजूरी नहीं मिलने के कारण पहले शुरू नहीं हो सकी थी। अब आवश्यक अनुमति मिलने के बाद भरमौर-गौरीकुंड और होली-गौरीकुंड के बीच हेली टैक्सी सेवा बहाल कर दी गई है। इससे पहले करीब 75 श्रद्धालुओं ने हेली सेवा के लिए ऑनलाइन बुकिंग कराई थी और कई यात्री भरमौर भी पहुंच गए थे। डीजीसीए निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करने के बाद सेवा शुरू करने की अनुमति मिली है।

अब 50 रुपये होगा पंजीकरण शुल्क

मणिमहेश यात्रा में पंजीकरण शुल्क को लेकर भी बदलाव किया गया है। 22 जून से 24 अगस्त तक इको टूरिज्म सोसाइटी की ओर से पर्यावरण संरक्षण के लिए 100 रुपये शुल्क लिया गया था। इस दौरान 5,352 श्रद्धालुओं से शुल्क लिया गया। अब यात्रा का संचालन न्यास की ओर से किया जा रहा है और 100 रुपये का पर्यावरण संरक्षण शुल्क बंद कर दिया गया है। हड़सर में अब श्रद्धालुओं से केवल 50 रुपये पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित समय में यात्रा करने और मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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