Onion Prices पर बढ़ी चिंता, 1.2 लाख टन में 30% खराब; 500 टन लेकर दिल्ली रवाना हुई
Onion Prices
देश में Onion Prices को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। केंद्र सरकार की एजेंसियों ने इस साल गर्मी के मौसम में करीब 1.2 लाख टन प्याज खरीदा था, लेकिन इसमें से लगभग 30 प्रतिशत प्याज सड़ने और अंकुरित होने के कारण खराब हो चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, कटाई के दौरान हुई बेमौसम बारिश ने प्याज की गुणवत्ता को प्रभावित किया, जिससे उसकी शेल्फ-लाइफ कम हो गई। सामान्य तौर पर करीब 20 प्रतिशत प्याज खराब होता है, लेकिन इस साल नुकसान बढ़कर 40 प्रतिशत तक पहुंचने की आशंका है। इससे आने वाले महीनों में बाजार में प्याज की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
500 टन प्याज लेकर दिल्ली रवाना हुई कांदा एक्सप्रेस
Onion Prices में तेजी के बीच केंद्र सरकार ने बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’ शुरू की है। बुधवार को करीब 500 टन प्याज लेकर विशेष ट्रेन महाराष्ट्र के लासलगांव से दिल्ली के लिए रवाना हुई। ग्रेडिंग और सॉर्टिंग में देरी के कारण ट्रेन करीब 24 घंटे की देरी से रवाना हो सकी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन के दिल्ली पहुंचने के बाद प्याज को बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य बड़े खपत वाले शहरों में सप्लाई बढ़ाकर प्याज की कीमतों को नियंत्रित करना है।
50 से 65 रुपये किलो पहुंचा प्याज, सरकार ने बढ़ाई सप्लाई
देश के कई शहरों में प्याज की खुदरा कीमत 50 से 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इसके बाद केंद्र सरकार ने बाजार में हस्तक्षेप बढ़ा दिया है। नाफेड और एनसीसीएफ के जरिए सड़क मार्ग से भी दिल्ली समेत अन्य शहरों में प्याज भेजा जा रहा है। दिल्ली में कांदा एक्सप्रेस से पहुंचने वाले प्याज को नाफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार के आउटलेट्स पर 35 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी दर पर बेचने की योजना है। इसके अलावा चेन्नई, एर्नाकुलम, मदुरै और गुवाहाटी जैसे शहरों में भी रेल के जरिए प्याज भेजने की तैयारी की जा रही है।
बफर स्टॉक घटा, सितंबर-अक्टूबर में सप्लाई संकट का डर
केंद्र सरकार ने गर्मियों में 2 लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य रखा था, लेकिन नाफेड और एनसीसीएफ मिलकर करीब 1.20 लाख टन ही खरीद सके। दूसरी ओर, किसानों के निजी भंडार में मौजूद स्टॉक भी तेजी से घट रहा है। नासिक में प्याज रखने की कुल क्षमता करीब 24 लाख टन बताई गई है, लेकिन किसानों के पास अब लगभग 25 प्रतिशत स्टॉक ही बचा है। प्याज के तेजी से खराब होने के कारण सितंबर और अक्टूबर में बाजार में सप्लाई संकट पैदा होने की आशंका जताई जा रही है।
खरीफ प्याज की रोपाई में देरी से बढ़ सकती हैं कीमतें
आने वाले महीनों में Onion Prices को लेकर एक और चिंता खरीफ फसल की देरी है। कम बारिश के कारण नासिक में खरीफ प्याज की रोपाई बेहद धीमी है। सामान्य तौर पर करीब 30 हजार हेक्टेयर में खरीफ प्याज की खेती होती है, लेकिन अब तक सिर्फ 370 हेक्टेयर में रोपाई हो पाई है। नई फसल नवंबर के मध्य तक आने की उम्मीद है, जबकि नियमित आवक दिसंबर से शुरू हो सकती है। ऐसे में अक्टूबर तक पुराने स्टॉक पर दबाव बढ़ सकता है। अगर नई फसल आने से पहले मौजूदा स्टॉक खत्म हुआ तो आने वाले महीनों में Onion Prices में और तेजी देखने को मिल सकती है।
