National Sports Day 2026: क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय खेल दिवस? जानें मेजर ध्यानचंद की विरासत और खेलो इंडिया की शुरुआत
National Sports Day 2026
National Sports Day 2026: भारत में हर साल 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। यह दिन महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती को समर्पित है, जिनकी उपलब्धियों ने भारतीय हॉकी को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई। वर्ष 1905 में जन्मे ध्यानचंद को उनकी अद्भुत ड्रिब्लिंग और गेंद पर शानदार नियंत्रण के कारण दुनिया भर में ‘हॉकी का जादूगर’ कहा जाता था। भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस को वर्ष 2012 में आधिकारिक रूप से उत्सव के दिनों की सूची में शामिल किया गया। इस दिन देशभर में खेल, फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
22 वर्षों तक किया भारत का प्रतिनिधित्व, किए 400 से ज्यादा गोल
मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद, वर्तमान प्रयागराज में हुआ था। उनके पिता सेना में थे और हॉकी खेलते थे। महज 16 वर्ष की उम्र में ध्यानचंद भी सेना में शामिल हो गए, जहां उनका हॉकी के प्रति जुनून और बढ़ता गया। उन्होंने करीब 22 वर्षों तक भारत का प्रतिनिधित्व किया और अंतरराष्ट्रीय हॉकी में 400 से अधिक गोल करने का गौरव हासिल किया। उनकी स्टिक से गेंद पर ऐसी पकड़ होती थी कि उनके खेल को देखकर विपक्षी खिलाड़ी भी हैरान रह जाते थे।
तीन ओलंपिक में भारत को दिलाया स्वर्ण पदक
मेजर ध्यानचंद भारतीय हॉकी के स्वर्णिम दौर के सबसे बड़े सितारों में शामिल थे। उन्होंने 1928 के एम्सटर्डम ओलंपिक, 1932 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक और 1936 के बर्लिन ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। खासतौर पर 1936 के बर्लिन ओलंपिक का फाइनल भारतीय खेल इतिहास का यादगार मुकाबला माना जाता है, जिसमें भारत ने मेजबान जर्मनी को 8-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। उस समय भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था, इसलिए जीत के दौरान तिरंगा नहीं लहरा पाने का मलाल ध्यानचंद से जुड़े भावुक प्रसंगों में शामिल है।
2018 में इसी दिन शुरू हुआ था खेलो इंडिया अभियान
29 अगस्त भारतीय खेल इतिहास में एक और महत्वपूर्ण कारण से खास है। इसी दिन वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान का उद्देश्य जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान करना, युवाओं को खेलों से जोड़ना और देश में मजबूत खेल संस्कृति विकसित करना था। खेलो इंडिया के माध्यम से उभरते खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और बेहतर अवसरों से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए गए। इस तरह 29 अगस्त महान खेल विरासत और नई खेल प्रतिभाओं के विकास, दोनों का प्रतीक बन गया है।
खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के सम्मान का भी खास दिन
राष्ट्रीय खेल दिवस पर देश के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने का भी विशेष महत्व है। इस अवसर पर खेल जगत में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और कोचों को विभिन्न राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के जरिए सम्मान दिया जाता है। अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार और अन्य सम्मानों के माध्यम से खेल क्षेत्र में योगदान की पहचान की जाती है। राष्ट्रीय खेल दिवस युवाओं को यह संदेश देता है कि खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि अनुशासन, फिटनेस, टीमवर्क और देश का गौरव बढ़ाने का माध्यम भी है। मेजर ध्यानचंद की विरासत आज भी नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा देती है।
