Paras Ji Maharaj: ‘सनातन धर्म ही राष्ट्र धर्म’, 31 दिसंबर के बाद ज्योतिष छोड़ राजनीतिक दल बनाने का ऐलान
Paras Ji Maharaj: देश के प्रसिद्ध आध्यात्मिक संत एवं ज्योतिषाचार्य पारस जी महाराज ने सनातन धर्म, राष्ट्र निर्माण और व्यवस्था परिवर्तन को लेकर बड़ा ऐलान किया है। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि ‘सनातन धर्म ही राष्ट्र धर्म है’ और राष्ट्र का वास्तविक कल्याण सनातन मूल्यों की स्थापना में निहित है। पारस जी महाराज के मुताबिक सनातन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्य, न्याय, कर्तव्य, सेवा, संस्कार और मानव कल्याण का मार्ग है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत की आध्यात्मिक शक्ति और सनातन दर्शन की ओर देख रही है और देश के युवाओं का अपनी जड़ों एवं संस्कृति से जुड़ना सकारात्मक संकेत है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में धर्म, सत्य, न्याय, राष्ट्रहित और व्यवस्था परिवर्तन उनके अभियान के प्रमुख मुद्दे होंगे।
Paras Ji Maharaj: सत्ता नहीं, व्यवस्था परिवर्तन लक्ष्य
पारस जी महाराज ने कहा कि 31 दिसंबर के बाद वह कुंडली बनाने और ज्योतिष से जुड़े अपने कार्य को छोड़ देंगे। इसके बाद वह सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय होकर व्यवस्था परिवर्तन के लिए व्यापक अभियान चलाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने इसी उद्देश्य से एक राजनीतिक दल के गठन का भी ऐलान किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य खुद सत्ता हासिल करना या चुनाव लड़ना नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं खुद कभी चुनाव नहीं लड़ूंगा। मेरा उद्देश्य सत्ता में आना नहीं, बल्कि व्यवस्था में बदलाव लाना है।” महाराज ने पंजाब को अपने प्रस्तावित अभियान का विशेष केंद्र बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पंजाब का इतिहास, संस्कृति, त्याग और राष्ट्र के प्रति योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। उनके अनुसार पंजाब में ऐसी व्यवस्था की जरूरत है, जिसमें न्याय, पारदर्शिता, राष्ट्रहित, युवा शक्ति और सनातन मूल्यों को प्राथमिकता मिले।
सनातन मूल्यों के साथ राष्ट्र निर्माण का संकल्प
पारस जी महाराज ने यह भी कहा कि सनातन किसी व्यक्ति या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी के कल्याण की भावना रखता है। उन्होंने ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ का उल्लेख करते हुए युवाओं से अपनी संस्कृति और इतिहास को समझने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित राजनीतिक दल का उद्देश्य सिर्फ चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं होगा, बल्कि जन-जागरण के माध्यम से व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाना होगा। इस दौरान उन्होंने अपने पुत्र की स्मृति में बनाई गई ‘हर्षी वेलफेयर सोसाइटी’ का भी जिक्र किया। उन्होंने इसकी जिम्मेदारी अपनी बेटी खुशी को सौंपने की जानकारी दी और कहा कि संस्था को मिलने वाला प्रत्येक दान लोक कल्याण एवं जरूरतमंदों की सेवा में लगाया जाएगा। उनके अनुसार यह संस्था उनके पुत्र की स्मृति को सेवा के माध्यम से जीवित रखने का संकल्प है।
