राम मंदिर ट्रस्ट की नई टीम पर मुहर, जितेंद्र मिश्र होंगे पहले पूर्णकालिक CEO
राम मंदिर ट्रस्ट की बुधवार को अयोध्या स्थित मणिरामदास छावनी में करीब तीन घंटे तक बैठक हुई। इस बैठक में ट्रस्ट की नई टीम को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई। राम मंदिर ट्रस्ट ने तीन नए न्यासियों की नियुक्ति पर सहमति जताई, वहीं राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक सीईओ के नाम पर भी मुहर लगा दी गई। बैठक दोपहर दो बजे शुरू हुई और शाम करीब पांच बजे तक चली। इस दौरान मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। हालांकि, पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र की ट्रस्ट में वापसी को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।
राम मंदिर ट्रस्ट में जितेंद्र मिश्र के नाम पर बनी सहमति
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में सीईओ के चयन के लिए गठित समिति की ओर से ट्रस्ट के नवनियुक्त महामंत्री गोविंद देव गिरि ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र का नाम प्रस्तावित किया। ट्रस्टियों के सामने जितेंद्र मिश्र के देश के लिए योगदान और उनकी सेवाओं से जुड़ी जानकारी भी रखी गई। इसके बाद करीब 40 मिनट तक उनके नाम पर चर्चा हुई। चर्चा के बाद ट्रस्ट के सभी सदस्यों ने जितेंद्र मिश्र के नाम का समर्थन किया। इसी के साथ राम मंदिर के लिए पहले पूर्णकालिक सीईओ की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया।
तीन नए न्यासियों की नियुक्ति पर भी लगी मुहर
बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के रिक्त पदों को भरने को लेकर भी चर्चा हुई। ट्रस्ट में तीन नए न्यासियों की नियुक्ति के लिए नामों पर विचार किया गया और सहमति बनी। इससे ट्रस्ट की नई टीम को लेकर चल रही चर्चाओं को भी विराम मिला। बैठक का एक प्रमुख मुद्दा ट्रस्ट के रिक्त पदों पर नई नियुक्तियां करना था। इसके साथ ही मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी ट्रस्ट के सदस्यों ने विचार-विमर्श किया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में तीन नए न्यासियों के नामों का उल्लेख नहीं किया गया है।
राम मंदिर ट्रस्ट में संतों की एंट्री की अटकलें भी खत्म
बैठक से पहले अयोध्या के कुछ संतों को राम मंदिर ट्रस्ट में शामिल किए जाने की अटकलें चल रही थीं। माना जा रहा था कि नए सदस्यों में संतों को भी प्रतिनिधित्व मिल सकता है। लेकिन तीन नए न्यासियों की नियुक्ति पर सहमति बनने के बाद इन अटकलों पर विराम लग गया। बैठक में आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल ट्रस्ट अध्यक्ष के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने भी स्पष्ट किया कि संतों को ट्रस्ट में शामिल करने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।
चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र की वापसी पर चर्चा नहीं
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र की वापसी को लेकर भी कोई चर्चा नहीं हुई। महंत कमलनयन दास ने बताया कि बैठक में इन दोनों की ट्रस्ट में वापसी का मुद्दा नहीं उठा। इस तरह करीब तीन घंटे चली बैठक में ट्रस्ट की नई टीम, तीन नए न्यासियों की नियुक्ति और पूर्णकालिक सीईओ के चयन से जुड़े अहम फैसले सामने आए। सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र के नाम पर सभी सदस्यों की सहमति के बाद अब राम मंदिर के लिए पहले पूर्णकालिक सीईओ की नियुक्ति का रास्ता स्पष्ट हो गया है।
