अखिलेश यादव का सियासी संदेश, बोले- BJP में पद मिल सकता है लेकिन सम्मान नहीं
अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गोंडा के विनोद साहनी हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया के जरिए बड़ा सियासी संदेश दिया है। अखिलेश यादव ने अपने बयान में निषाद पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को इसी मामले के संदर्भ में देखा जा रहा है। सपा प्रमुख ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के साथ रहने पर पद मिल सकता है, लेकिन सम्मान नहीं मिल सकता। उनके इस बयान के बाद इसके कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
अखिलेश यादव बोले- सत्ता के साथ रहने से सम्मान नहीं मिलता
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि भाजपा का राज सत्ता सजातीयों के ‘दंभ, घमंड, अहंकार’ का आपराधिक त्रिगुट है। उन्होंने कहा कि जो लोग यह समझते हैं कि सत्ता के साथ रहने से उनकी इज्जत और रुतबा बढ़ता है, वे भी अब समझ गए हैं कि भाजपा में दिखावे का पद तो मिल सकता है, लेकिन सम्मान नहीं। अखिलेश यादव के इस बयान को गोंडा के विनोद साहनी मामले से जोड़कर देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए साधा निशाना
सपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में किसी व्यक्ति का नाम लिए बिना भाजपा पर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपाई वर्चस्ववादी अपने प्रभुत्व को बनाए रखने के लिए किसी की हत्या भी कर सकते हैं और किसी को जमीन पर बैठने के लिए मजबूर भी कर सकते हैं। उन्होंने अपने बयान के जरिए सत्ता और सम्मान के बीच अंतर को रेखांकित किया और भाजपा के साथ रहने वाले लोगों को लेकर सियासी संदेश देने की कोशिश की।
अखिलेश यादव ने PDA को लेकर भी कही बड़ी बात
अपने बयान के अंत में अखिलेश यादव ने PDA का भी जिक्र किया। सपा अध्यक्ष ने कहा कि पीड़ा बढ़ रही है, इसीलिए PDA बढ़ रहा है और PDA की एकता भी बढ़ रही है। अखिलेश यादव के इस बयान में PDA को लेकर समाजवादी पार्टी की सियासी लाइन भी नजर आई। उन्होंने सत्ता से जुड़े लोगों के सम्मान के सवाल को PDA की एकता के साथ जोड़ते हुए अपना राजनीतिक संदेश सामने रखा।
गोंडा के विनोद साहनी मामले पर अखिलेश यादव की नजर
गोंडा के विनोद साहनी हत्याकांड के बाद अखिलेश यादव का यह बयान सामने आया है। हालांकि, उन्होंने अपने पोस्ट में संजय निषाद का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को निषाद पार्टी अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद तक सियासी संदेश पहुंचाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अखिलेश यादव ने भाजपा पर सत्ता, वर्चस्व और सम्मान से जुड़े सवाल उठाते हुए अपने बयान के जरिए PDA और उसकी एकता का भी उल्लेख किया।
