ब्रिक्स बिजनेस फोरम में भारत का जोर, बाजार खोलने और व्यापार नियम आसान करने की अपील
ब्रिक्स बिजनेस फोरम
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में भारत ने सदस्य और पार्टनर देशों के बीच व्यापार को मजबूत बनाने पर जोर दिया। अमेरिका की टैरिफ की धमकियों और पश्चिम एशिया में जारी उथल-पुथल के बीच केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिक्स देशों से अपने बाजार एक-दूसरे के लिए खोलने की अपील की। उन्होंने कहा कि व्यापार बढ़ाने के लिए टैरिफ कम करने के साथ व्यापार से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं को भी आसान बनाना जरूरी है।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में पीयूष गोयल ने बाजार खोलने की अपील की
ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्थाओं में व्यापार की बड़ी भूमिका है। उनके मुताबिक, ब्रिक्स देश दुनिया की करीब आधी आबादी और वैश्विक GDP के लगभग 40 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। दुनिया के कुल व्यापार में भी ब्रिक्स की हिस्सेदारी करीब एक चौथाई है। उन्होंने कहा कि भारत के मैन्युफैक्चरिंग एक्सपोर्ट में इंजीनियरिंग सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स की बड़ी हिस्सेदारी है। साथ ही भारत दवाओं के क्षेत्र में ब्रिक्स देशों के लिए भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता बन सकता है।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में व्यापारिक नियम आसान करने पर जोर
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में पीयूष गोयल ने कहा कि कारोबार बढ़ाने के लिए केवल टैरिफ कम करना पर्याप्त नहीं है। अलग-अलग देशों में लागू नियमों और व्यापारिक प्रक्रियाओं को भी सरल बनाने की जरूरत है। उन्होंने कंसाइनमेंट की मंजूरी में लगने वाला समय कम करने की बात कही। साथ ही गैर-टैरिफ उपायों से जुड़ी व्यापारिक लागत को बड़ी चुनौती बताया। गोयल ने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच सप्लाई चेन मजबूत और विविध होनी चाहिए। कच्चे माल और जरूरी खनिजों समेत अलग-अलग उत्पादों के लिए बाजारों तक बेहतर पहुंच भी जरूरी है।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में जयशंकर ने सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम के उद्घाटन समारोह में कहा कि इस साल ब्रिक्स के संस्थागत सहयोग के 20 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो दशकों में संगठन की सदस्यता, एजेंडा और सहयोग के तरीकों में काफी बदलाव आया है। भारत की अध्यक्षता के दौरान लचीलेपन, इनोवेशन, सहयोग और स्थिरता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जयशंकर के मुताबिक, भू-राजनीतिक तनाव, महामारी और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों का असर अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में डिजिटल तकनीक को लेकर भी चर्चा
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में एस. जयशंकर ने कहा कि चुनौतियों के साथ नई संभावनाएं भी पैदा हो रही हैं। तेजी से बढ़ते डिजिटलाइजेशन और तकनीकी बदलाव से विकास, उत्पादकता और आर्थिक प्रगति के नए रास्ते खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक माहौल में जोखिम और अवसर दोनों व्यापक हो गए हैं। ऐसे समय में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग मजबूत करना और व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण है। भारत की ओर से फोरम में बाजारों तक आसान पहुंच, सरल नियम, मजबूत सप्लाई चेन और तेज व्यापारिक प्रक्रियाओं पर जोर दिया गया।
