CJP प्रदर्शन से पहले 3 नेता हिरासत में, दीपके-दास-रांका पर कार्रवाई
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दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित CJP प्रदर्शन से पहले बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। तीनों नेता मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में विमान के उतरने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और फिर बस में बैठाकर अपने साथ ले गई।
CJP नेताओं को विमान से उतरते ही पुलिस ने की कार्रवाई
रिपोर्ट के अनुसार, अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को विमान के भीतर से ही हिरासत में लिया गया। इस दौरान दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इसके बाद तीनों को गेट नंबर 9 से बाहर ले जाया गया। अभिजीत दीपके ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने दिल्ली पहुंचने के बाद पुलिस की मौजूदगी और कार्रवाई से जुड़ा घटनाक्रम दिखाया। CJP की लीगल टीम की प्रमुख रत्ना सिंह ने भी तीनों नेताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी।
हिरासत की वजह पर उठे सवाल
CJP की लीगल टीम की प्रमुख रत्ना सिंह के मुताबिक, पुलिस ने तीनों नेताओं को हिरासत में तो लिया, लेकिन इसकी वजह नहीं बताई। वहीं, सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि तीनों को रात तक पुलिस हिरासत में रखा जा सकता है और आगे के आदेश आने तक वे हिरासत में रहेंगे। उनकी लोकेशन की जानकारी किसी को नहीं दिए जाने की बात भी कही गई है। हालांकि, हिरासत के कारण और आगे की प्रक्रिया को लेकर पुलिस का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
पार्टी ने की तत्काल रिहाई की मांग
तीनों नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद CJP ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई। पार्टी ने इसे बेरोकटोक आवाजाही की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताते हुए अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को तत्काल और बिना किसी शर्त के रिहा करने की मांग की। ये नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने दिल्ली पहुंचे थे। ऐसे में हिरासत की कार्रवाई ने प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक घटनाक्रम को और अहम बना दिया है।
SIR और फॉर्म 6 को लेकर है विरोध
CJP के प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और फॉर्म 6 से जुड़ा है। पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूचियों में गड़बड़ी और फॉर्म 6 में बदलाव को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन मुद्दों पर दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार किए जाने का भी आरोप है। इन्हीं आरोपों को लेकर CJP ने विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है। हालांकि, ये आरोप हैं और इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
