गौतम गंभीर ने गेंदबाजों का बचाव किया, वेस्टइंडीज के खिलाफ हार पर बोले- हमें रास्ता खोजना होगा
गौतम गंभीर
रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन काफी महंगा रहा। टीम इंडिया 250 रनों का लक्ष्य बचाने में नाकाम रही और वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने भारतीय बॉलिंग लाइन-अप पर जमकर रन बनाए। हालात ऐसे रहे कि भारत के किसी भी गेंदबाज का इकोनॉमी रेट 10 से नीचे नहीं रहा। अक्षर पटेल और कुलदीप यादव को भी गेंदबाजी में जमकर रन पड़े। हालांकि, इस प्रदर्शन के बाद भी मुख्य कोच गौतम गंभीर ने अपने गेंदबाजों का बचाव किया और उनकी मेहनत को सामने रखा।
गौतम गंभीर ने गेंदबाजों का बचाव किया
मैच के बाद गौतम गंभीर ने भारतीय गेंदबाजों का समर्थन करते हुए कहा कि वे भी अपने करियर के लिए मेहनत करते हैं। गंभीर ने कहा, “वे कोई विदेशी गेंदबाज नहीं हैं, उनका करियर भी दांव पर लगा होता है। इस ड्रेसिंग रूम में बैठने के लिए उन्होंने भी बहुत मेहनत की है, ऐसा नहीं है कि वो मेहनत नहीं करते। उनके मुताबिक, क्रिकेट में गेंद और बल्ले के बीच बराबरी का मुकाबला होना चाहिए, तभी अच्छा क्रिकेट देखने को मिलता है। गंभीर के इस बयान को भारतीय गेंदबाजों के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।
ओस और फ्लैट पिच बनी चुनौती
रांची में मुकाबले की दूसरी पारी के दौरान ओस और फ्लैट पिच को भारतीय गेंदबाजों के लिए मुश्किल परिस्थितियों के तौर पर देखा गया। हालांकि, गौतम गंभीर ने केवल ओस को हार की वजह मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि भारत वर्ल्ड चैंपियन टीम है और उसे अलग-अलग परिस्थितियों में खुद को बेहतर बनाना होगा। गंभीर के मुताबिक, फ्लैट विकेट मिलेंगी और ओस भी पड़ेगी, लेकिन टीम को विपक्षी बल्लेबाजों को रोकने का तरीका खोजना होगा।
शुरुआती विकेटों के बाद भी नहीं रोक पाए रन
गंभीर ने मुकाबले में वेस्टइंडीज की शुरुआत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब विपक्षी टीम के दो विकेट पहले ओवर में और तीन विकेट शुरुआती छह ओवर में गिर चुके थे, तब भारतीय टीम को इसका फायदा उठाना चाहिए था। मयंक यादव ने पहले ही ओवर में कामिल पूरन और शिमरोन हेटमायर को आउट किया था। इसके बाद छठे ओवर में उन्होंने रोवमैन पावेल का विकेट भी लिया। 58 रन तक वेस्टइंडीज के तीन विकेट गिर चुके थे, लेकिन भारतीय गेंदबाज रन गति पर लगाम नहीं लगा सके।
टीम इंडिया को सुधार की जरूरत
गौतम गंभीर ने साफ किया कि मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद टीम इंडिया को जीत का रास्ता तलाशना होगा। उन्होंने कहा कि गेंदबाजी के लिए हालात कठिन थे, लेकिन टीम को विपक्षी टीम को रोकने का तरीका निकालना चाहिए। रांची में 250 रन का लक्ष्य बचाने में नाकाम रहने के बाद भारतीय गेंदबाजी पर सवाल उठे हैं। अब गंभीर का जोर खिलाड़ियों की कमियों को सुधारने और दबाव वाली परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने पर है।
