उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए सौरभ हत्या कांड (ब्लू ड्रम मर्डर केस) ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस अमानवीय अपराध को लेकर लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। समाज में नैतिक मूल्यों के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने इस घटना को अत्यंत निंदनीय बताया।
धीरेंद्र शास्त्री की प्रतिक्रिया
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने इस भयावह घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह समाज में बढ़ते नैतिक पतन को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हमें अपनी भारतीय संस्कृति और संस्कारों की ओर लौटना होगा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा अच्छा हुआ कि हमारी शादी नहीं हुई न जाने क्या होता।
उन्होंने कहा कि रामायण भगवद् गीता और सनातन संस्कृति से दूर होते जाने के कारण ही समाज में इस प्रकार की घटनाएँ बढ़ रही हैं। पश्चिमी सभ्यता की ओर बढ़ते आकर्षण को उन्होंने इन अपराधों का एक बड़ा कारण बताया।

समाज में नैतिकता का पुनर्जागरण आवश्यक
धीरेंद्र शास्त्री ने माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों को धार्मिक ग्रंथों से जोड़ें, जिससे उनमें नैतिकता का संचार हो सके। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को रामचरितमानस और भगवद गीता का ज्ञान दिया जाए, तो वे सही और गलत के बीच फर्क समझ पाएंगे और समाज में ऐसे अपराधों में कमी आएगी।
यह भी पढ़ें: इमरान प्रतापगढ़ी की इफ्तार पार्टी में राहुल गांधी और खरगे की मौजूदगी, क्या है सियासी मायने?
ब्लू ड्रम मर्डर केस एक क्रूर साजिश
मेरठ में हुई इस घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। सौरभ कुमार सिंह की बेरहमी से हत्या करने के बाद उसके शव को एक नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से सील कर दिया गया था। जब पुलिस ने जांच शुरू की, तब यह भयानक साजिश उजागर हुई।
समाज की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। कुछ लोग इसे एक गंभीर सामाजिक संदेश के रूप में देख रहे हैं, तो कुछ इसे वर्तमान समाज की विकृत मानसिकता का परिणाम मान रहे हैं।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री की इस बात में सच्चाई है । कि यदि हमें समाज को इस प्रकार के अमानवीय अपराधों से बचाना है। तो हर व्यक्ति को अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने होंगे। भारतीय संस्कृति और धार्मिक ग्रंथों में निहित मूल्यों को अपनाकर ही समाज को सही दिशा दी जा सकती है। हमारा समाज किस ओर जा रहा है? क्या हम अपनी जड़ों से कटकर अपराध और हिंसा की ओर बढ़ रहे हैं? यह समय आत्ममंथन करने का है।

संबंधित पोस्ट
Pakistan Air Force: चीन से मिसाइल और हथियार लेने भेजा Il-78 विमान
UGC Rules 2026: कॉलेज-कॉलेज में जातिगत भेदभाव और SC/ST vs OBC विवाद
‘Board of Peace’: शहबाज शरीफ ने ट्रंप से बढ़ाई नजदीकियां, दुनिया भर में चर्चा का विषय