September 3, 2026

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सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, बच्चा गोद लेने वाली महिलाओं के लिए 12 हफ्ते तक मिल सकेगा मैटरनिटी लीव

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जो गोद लेने वाली माताओं के अधिकारों को बढ़ाएगा। अदालत ने कहा कि अब किसी भी उम्र के बच्चे को गोद लेने वाली महिला को 12 हफ्तों का मातृत्व अवकाश मिलेगा।

गोद लेने वाली माताओं के लिए पहले की स्थिति

पहले यह कानूनी प्रावधान केवल उन माताओं तक सीमित था, जिन्होंने तीन महीने से छोटे बच्चों को गोद लिया। इस नियम के तहत बड़ी उम्र के बच्चों को गोद लेने वाली माताओं को मातृत्व अवकाश का लाभ नहीं मिलता था।

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय

सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रावधान को असंवैधानिक घोषित करते हुए कहा कि बच्चे की उम्र चाहे जो भी हो, गोद लेने वाली महिला को जैविक मां की तरह ही 12 हफ्तों की छुट्टी मिलनी चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय सामाजिक कल्याण और बच्चों की बेहतर देखभाल के दृष्टिकोण से लिया गया है।

पैटरनिटी लीव पर सुझाव

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह भी कहा कि वह पितृत्व अवकाश (पैटरनिटी लीव) शुरू करने पर विचार करे। इससे बच्चों की देखभाल में लिंग-तटस्थ और समावेशी दृष्टिकोण अपनाया जा सकेगा।

विशेषज्ञों की राय

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला न केवल गोद लेने वाली माताओं के अधिकारों को मजबूत करता है, बल्कि पूरे परिवार और समाज में बच्चों की देखभाल के लिए जिम्मेदारियों को भी साझा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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