January 24, 2026

ऑपरेशन सिंदूर: भारत की आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला दिया। निर्दोष पर्यटकों को उनके परिवारों के सामने नृशंसता से मारा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले को व्यक्तिगत रूप से अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि यह देश के मनोबल को तोड़ने का प्रयास था। इस क्रूरता ने न केवल भारत के नागरिकों को दुखी किया, बल्कि सरकार को आतंकवाद के खिलाफ और सख्त कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। पीएम मोदी ने सशस्त्र बलों को पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान की, ताकि आतंकियों का खात्मा किया जा सके।

ऑपरेशन सिंदूर: भारत की साहसिक प्रतिक्रिया
भारत ने 6 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के बहावलपुर और मुरिदके में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। पीएम मोदी ने इन ठिकानों को “वैश्विक आतंकवाद की यूनिवर्सिटी” करार देते हुए कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने अदम्य साहस का प्रदर्शन किया। इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान को स्तब्ध कर दिया, क्योंकि आतंकियों ने भारत की इस निर्णायक कार्रवाई की कल्पना भी नहीं की थी। ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि राष्ट्र की भावनाओं का प्रतीक बन गया है।

पाकिस्तान की असफल प्रतिक्रिया
पाकिस्तान ने भारत के स्कूलों, रिहायशी इलाकों और सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की, लेकिन भारत की उन्नत वायु रक्षा प्रणाली ने उनके ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट कर दिया। पीएम मोदी ने कहा, “पाकिस्तान हमारी सीमाओं पर युद्ध की तैयारी कर रहा था, लेकिन भारत ने उनके दिल में हमला किया।” 10 मई को पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ से संपर्क किया और आगे आतंकी हमले न करने का वादा किया। भारत ने उनकी इस पेशकश पर विचार किया, लेकिन सैन्य कार्रवाइयों को केवल अस्थायी रूप से रोका गया है।

नई नीति: आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अब भारत की विदेश नीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “आतंक और बातचीत साथ नहीं चल सकते।” भारत अब आतंकवादियों और उनके प्रायोजक सरकारों के बीच कोई अंतर नहीं करेगा। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि यदि वह जीवित रहना चाहता है, तो उसे आतंकी ढांचे को ध्वस्त करना होगा। मोदी ने स्वदेशी रक्षा उपकरणों पर जोर देते हुए कहा कि भारत ने नई युग की युद्धकला में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। उन्होंने देश की शक्ति और संयम को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत किसी भी परमाणु ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेगा।

आगे की राह: शक्ति और एकता
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एकजुट रहने और सशस्त्र बलों, खुफिया सेवाओं और वैज्ञानिकों के योगदान को सलाम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को अत्यंत शक्तिशाली होना जरूरी है, ताकि वह वैश्विक मंच पर अपनी ताकत प्रदर्शित कर सके। ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद के खिलाफ नई “सामान्य” नीति है, जो देश की सुरक्षा और संप्रभुता को सुनिश्चित करने के लिए अपनाई गई है।

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