अनिरुद्धाचार्य विवाद: बयानों से लेकर AI वीडियो तक, क्या है पूरा मामला?

प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य इन दिनों अपने बयानों और उनसे जुड़े विवादों के कारण सुर्खियों में हैं। उनकी टिप्पणियों ने न केवल सामाजिक बहस को जन्म दिया है, बल्कि उनके पिता रामनरेश तिवारी से जुड़ा एक वायरल वीडियो भी चर्चा का विषय बना है। इस वीडियो को AI जनित बताकर उनके पिता ने साजिश का आरोप लगाया है। आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।

अनिरुद्धाचार्य के विवादास्पद बयान

अनिरुद्धाचार्य ने हाल ही में लड़कियों की शादी और लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर कुछ बयान दिए, जिन्होंने व्यापक विवाद खड़ा किया। उन्होंने कहा कि लड़कियों की शादी 25 साल की उम्र तक कर देनी चाहिए, नहीं तो उनकी जिंदगी में समस्याएं आ सकती हैं। इस बयान पर हंगामा होने के बाद उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप पर टिप्पणी की। उन्होंने पतिव्रता नारी और लिव-इन में रहने वाली महिलाओं की तुलना करते हुए कहा कि दोनों का वजन एक समान नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि कलयुग में कुछ महिलाएं अर्धनग्न घूमती हैं, लेकिन खुद को देवी कहलवाना चाहती हैं, जबकि सच्ची नारी को सीता, पार्वती और राधा जैसी देवियों से जोड़ा जाता है। इन बयानों ने सामाजिक और सांस्कृतिक बहस को और तेज कर दिया।

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पिता रामनरेश तिवारी और AI वीडियो विवाद

इस बीच, अनिरुद्धाचार्य के पिता रामनरेश तिवारी, जो खुद एक प्रसिद्ध कथावाचक हैं और मध्य प्रदेश के जबलपुर व दामोह से जुड़े हैं, एक वायरल वीडियो के कारण चर्चा में आए। इस वीडियो में वह कथित तौर पर कहते दिख रहे हैं कि उनके बेटे अनिरुद्धाचार्य के कर्मचारी उनसे बदतमीजी करते हैं और उन्हें बंधक बनाकर रखा गया है। वीडियो में वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाते नजर आते हैं।

हालांकि, रामनरेश तिवारी ने इस वीडियो को AI जनित करार देते हुए इसे अपने बेटे की छवि धूमिल करने की साजिश बताया। उन्होंने वृंदावन कोतवाली में इस मामले में तहरीर दी और पुलिस से जांच की मांग की। उनका कहना है कि पुराने वीडियो को काट-छांट कर गलत तरीके से पेश किया गया है।

पुलिस कार्रवाई और जांच की मांग

रामनरेश तिवारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि यह वीडियो उनके बेटे अनिरुद्धाचार्य को बदनाम करने की सुनियोजित कोशिश है। उन्होंने पुलिस से इस मामले की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह मामला अब और गंभीर हो गया है, क्योंकि इसमें AI तकनीक के दुरुपयोग का आरोप भी शामिल है।

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