अनिरुद्धाचार्य: पूकी बाबा की कमाई, विवाद और लग्जरी लाइफस्टाइल की कहानी

धार्मिक कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की लोकप्रियता

अनिरुद्धाचार्य महाराज, जिन्हें उनके अनुयायी ‘पूकी बाबा’ के नाम से जानते हैं, आजकल सुर्खियों में छाए हुए हैं। उनकी धार्मिक कथाओं और प्रवचनों ने उन्हें लाखों लोगों का चहेता बनाया है। वृंदावन के गौरी गोपाल आश्रम से संचालित होने वाले इस कथावाचक की लोकप्रियता का आलम यह है कि उनके यूट्यूब चैनल पर लाखों फॉलोअर्स हैं। हालांकि, हाल ही में उनकी कुछ टिप्पणियों ने विवादों को जन्म दिया है, जिसके बाद उनकी कमाई, जीवनशैली और पारिवारिक पृष्ठभूमि भी चर्चा का विषय बन गई है।

कमाई के स्रोत और संपत्ति

अनिरुद्धाचार्य की आय का मुख्य स्रोत उनके धार्मिक प्रवचन और कथाएं हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति करीब 25 करोड़ रुपये आंकी गई है। एक सामान्य कथा के लिए वे 1 से 3 लाख रुपये चार्ज करते हैं, जबकि भागवत कथा के लिए उनकी फीस 10 से 15 लाख रुपये तक जाती है। उनकी मासिक आय लगभग 45 लाख रुपये मानी जाती है। इसके अलावा, वे विभिन्न धार्मिक आयोजनों और इवेंट्स में भाग लेकर भी अच्छी खासी कमाई करते हैं। यूट्यूब भी उनकी आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जहां से वे हर महीने करीब 2 लाख रुपये कमाते हैं। अनिरुद्धाचार्य गौशालाओं का संचालन भी करते हैं, जिसके जरिए वे सामाजिक कार्यों में योगदान देते हैं। उनके गौरी गोपाल आश्रम में भक्तों के लिए निःशुल्क भोजन और आवास की व्यवस्था की जाती है।

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लग्जरी लाइफस्टाइल

अनिरुद्धाचार्य का जीवनशैली भी उनकी कमाई के अनुरूप है। उन्हें टेस्ला मॉडल वाई और वॉल्वो XC-90 जैसी लग्जरी कारों में देखा गया है। उनकी यह शाही जीवनशैली उनके प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बनी रहती है। वृंदावन में स्थित उनका आश्रम न केवल धार्मिक गतिविधियों का केंद्र है, बल्कि यह उनके सामाजिक प्रभाव को भी दर्शाता है।

विवादों का सिलसिला

हाल ही में अनिरुद्धाचार्य 25 साल की अविवाहित लड़कियों और लिव-इन रिलेशनशिप पर की गई टिप्पणियों के कारण विवादों में घिर गए। इन टिप्पणियों ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न कीं। इसके साथ ही उनके पिता रामनरेश तिवारी, जो स्वयं एक प्रसिद्ध कथावाचक हैं, भी सुर्खियों में आ गए। एक वीडियो में उन पर बंधक बनाने, उत्पीड़न और जमीन कब्जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। हालांकि, रामनरेश तिवारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे AI जनित और साजिश का हिस्सा बताया। उन्होंने वृंदावन कोतवाली में तहरीर देकर इस मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पुराने वीडियो को तोड़-मरोड़कर उनके बेटे की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।

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