August 25, 2026

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‘आई लव मुहम्मद’ विवाद: शशि थरूर ने खिलाड़ियों को खेल भावना की सीख दी

शशि थरूर

शशि थरूर

एशिया कप 2025 के फाइनल मुकाबले से पहले भारत और पाकिस्तान के बीच खिलाड़ियों के हैंडशेक विवाद ने सुर्खियां बटोरी हैं। इस मामले में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने खुलकर अपनी राय व्यक्त की और कहा कि खेल की भावना राजनीति या तनाव से अलग होती है। उनका यह बयान क्रिकेट प्रेमियों और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

हैंडशेक विवाद की पृष्ठभूमि:

हाल ही में सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया कि भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों के साथ हैंडशेक नहीं किया। यह घटना एशिया कप सुपर-4 मुकाबले से जुड़ी हुई है। शशि थरूर ने इसे लेकर कहा कि भावनाएं समझी जा सकती हैं, लेकिन खेल के मैदान पर सम्मान और शिष्टाचार का पालन करना जरूरी है।

शशि थरूर का दृष्टिकोण:

शशि थरूर ने कहा कि खेल का मैदान राजनीति या देशों के बीच संघर्ष का हिस्सा नहीं होता। उन्होंने याद दिलाया कि 1999 के वर्ल्ड कप के दौरान करगिल युद्ध चल रहा था, लेकिन तब भी भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ी मैदान पर एक-दूसरे का सम्मान करते हुए हाथ मिलाते थे। थरूर के अनुसार, इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि खेल की गरिमा बनाए रखना हर खिलाड़ी का कर्तव्य है।

खेल भावना और सम्मान का महत्व:

शशि थरूर ने इस बात पर जोर दिया कि खेल में जीत-हार से ज्यादा महत्वपूर्ण खिलाड़ी की नैतिक जिम्मेदारी और खेल भावना है। मैदान पर सम्मान दिखाना, विरोधी टीम का आदर करना और अनुशासन बनाए रखना खेल का आधार है। उन्होंने कहा,
“अगर हम खेलते हैं तो खेल भावना के साथ खेलना चाहिए, चाहे हमारे देश के बीच राजनीतिक या सैन्य तनाव क्यों न हो।”

दोनों टीमों में अनुशासन की कमी:

शशि थरूर ने यह भी कहा कि हाल के हैंडशेक विवाद से यह प्रतीत होता है कि दोनों टीमों में अनुशासन और खेल भावना की कमी रही। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तानी खिलाड़ी पहले अपमानित महसूस करते हैं और फिर भारतीय खिलाड़ी उसी तरह प्रतिक्रिया देते हैं, तो इससे खेल के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन होता है।

BCCI की कार्रवाई:

इस मामले में BCCI ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों साहिबजादा फरहान और हारिस रऊफ के खिलाफ अनुचित व्यवहार को लेकर शिकायत दर्ज की। यह शिकायत ICC और मैच रेफरी को भेजी गई है। बोर्ड ने साफ किया कि खेल में अनुशासन बनाए रखना अत्यंत जरूरी है और इसके उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी।

खेल और राजनीति अलग करें:

शशि थरूर का मानना है कि खेल और राजनीति दो अलग क्षेत्र हैं। खिलाड़ियों को किसी भी राजनीतिक तनाव या देश के बीच संघर्ष से प्रभावित नहीं होना चाहिए। मैदान पर सम्मान, अनुशासन और खेल भावना का पालन करना ही सच्चे खिलाड़ी की पहचान है।

एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान के मैच से पहले उठे हैंडशेक विवाद ने क्रिकेट फैंस में बहस पैदा कर दी है। शशि थरूर ने स्पष्ट कर दिया कि खेल की गरिमा और खेल भावना हमेशा सर्वोपरि होनी चाहिए। करगिल युद्ध का उदाहरण यह दर्शाता है कि मुश्किल समय में भी खिलाड़ियों को अनुशासन और सम्मान बनाए रखना चाहिए। BCCI की कार्रवाई इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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