शोपियां (जम्मू-कश्मीर): जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले से एक हैरान कर देने वाली और चिंताजनक खबर सामने आई है। सुरक्षा बलों ने शोपियां के कावकोला-हीरपोरा जंगल क्षेत्र में एक ऐसा गुब्बारा बरामद किया है, जिस पर साफ-साफ “Pakistan International Airlines (PIA)” लिखा हुआ पाया गया है। यह वही PIA है, जो पाकिस्तान की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन के नाम से जानी जाती है।इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय प्रशासन बल्कि केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह गुब्बारा एलओसी (LoC) या अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास नहीं, बल्कि कश्मीर घाटी के अंदर गहरे जंगलों में पाया गया है।
गुब्बारे की लोकेशन ने बढ़ाई चिंता
आमतौर पर पाकिस्तान से जुड़े ऐसे संदिग्ध गुब्बारे या वस्तुएं सीमा के आसपास देखी जाती रही हैं। लेकिन इस बार मामला अलग है। कावकोला-हीरपोरा जंगल क्षेत्र शोपियां जिले के भीतर स्थित है और यह इलाका सुरक्षा दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है।गुब्बारे के घाटी के भीतर इतनी दूरी तक पहुंचने से यह सवाल उठने लगे हैं किक्या यह सिर्फ एक सामान्य गुब्बारा है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है?
सुरक्षा बलों ने तुरंत संभाला मोर्चा
गुब्बारे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर भेजा गया। पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि गुब्बारे के साथ कोई विस्फोटक, निगरानी उपकरण या संदिग्ध सामग्री तो नहीं जुड़ी हुई है।प्रारंभिक जांच में गुब्बारे के साथ कोई विस्फोटक तो नहीं मिला, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां इसे हल्के में लेने को तैयार नहीं हैं।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
पिछले कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तान से जुड़े गुब्बारे, ड्रोन और संदिग्ध वस्तुएं मिलने के मामले सामने आते रहे हैं। कई बार इनका इस्तेमाल
- हथियार गिराने,
- नशीले पदार्थ भेजने,
- या इलाके की रेकी (निगरानी) के लिए किया गया है।
- हालांकि, सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि PIA ब्रांडेड गुब्बारा घाटी के भीतर इतनी गहराई में मिलना पहली बार सामने आया है, जो इसे और ज्यादा गंभीर बना देता है।
क्या यह मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा?
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे गुब्बारे कभी-कभी मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) का हिस्सा भी हो सकते हैं। पाकिस्तान की ओर से इस तरह की चीजें भेजकर
- डर का माहौल बनाने,
- सुरक्षा बलों को भ्रमित करने,
- या प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश की जाती रही है।
- PIA जैसे सरकारी ब्रांड का नाम इस्तेमाल होना इस संदेह को और मजबूत करता है।जांच एजेंसियां हर एंगल से कर रही पड़तालफिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां इस गुब्बारे की
- मूल उत्पत्ति,
- उड़ान मार्ग,
- हवा की दिशा,
- और तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही हैं।
- यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या यह गुब्बारा सीधे पाकिस्तान से उड़कर आया या फिर इसे किसी स्थानीय नेटवर्क के जरिए आगे बढ़ाया गया।
स्थानीय लोगों से भी पूछताछ
सुरक्षा बलों ने आसपास के इलाकों में रहने वाले स्थानीय लोगों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। यह जानने की कोशिश की जा रही है किक्या किसी ने इससे पहले ऐसा गुब्बारा देखा था, या किसी संदिग्ध गतिविधि पर ध्यान गया था।

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