एयर इंडिया AI-1717 गो-अराउंड से मचा हड़कंप, दूसरी कोशिश में सुरक्षित उतरा विमान
एयर इंडिया AI-1717 गो-अराउंड
लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर मंगलवार को एयर इंडिया AI-1717 गो-अराउंड की घटना सामने आई। दिल्ली से लखनऊ आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट को लैंडिंग से ठीक पहले पहली कोशिश में वापस ऊपर जाना पड़ा। बताया जा रहा है कि विमान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी सवार थे। पहली लैंडिंग के दौरान विमान का एप्रोच अनस्टेबल होने के कारण पायलट ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लैंडिंग रोक दी और विमान को दोबारा ऊंचाई पर ले जाकर नए एप्रोच के लिए तैयार किया। बाद में विमान ने दूसरी कोशिश में सुरक्षित लैंडिंग की।
एयर इंडिया AI-1717 गो-अराउंड क्यों हुआ?
एयर इंडिया AI-1717 गो-अराउंड की वजह पहली लैंडिंग के दौरान विमान का अनस्टेबल एप्रोच बताया गया। विमानन क्षेत्र में गो-अराउंड एक सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया है। जब पायलट को लगता है कि मौजूदा एप्रोच में विमान की सुरक्षित लैंडिंग संभव नहीं है, तो वह लैंडिंग को रोककर विमान को दोबारा ऊंचाई पर ले जाता है। इसके बाद विमान को नए एप्रोच के लिए तैयार किया जाता है। AI-1717 के मामले में भी पायलट ने इसी सुरक्षा प्रक्रिया को अपनाया।
एयर इंडिया AI-1717 ने दूसरी कोशिश में की सुरक्षित लैंडिंग
पहली कोशिश के बाद एयर इंडिया AI-1717 गो-अराउंड के जरिए दोबारा लखनऊ एयरपोर्ट के रनवे की ओर बढ़ा। दूसरे प्रयास में विमान की सुरक्षित लैंडिंग हुई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक विमान में सवार यात्रियों और क्रू सभी सुरक्षित रहे। राहुल गांधी के भी इसी फ्लाइट से दिल्ली से लखनऊ पहुंचने की जानकारी सामने आई है। दूसरी कोशिश में विमान के सुरक्षित उतरने के बाद स्थिति सामान्य हो गई और यात्रियों ने राहत की सांस ली।
दिल्ली से दोपहर 2:20 बजे रवाना हुई थी AI-1717
एयर इंडिया AI-1717 गो-अराउंड वाली फ्लाइट दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना हुई थी। दी गई जानकारी के अनुसार विमान ने दिल्ली से दोपहर करीब 2:20 बजे उड़ान भरी थी और इसके लखनऊ पहुंचने का निर्धारित समय लगभग 3:30 बजे था। लैंडिंग से पहले अनस्टेबल एप्रोच के कारण विमान को गो-अराउंड करना पड़ा। इसके बाद पायलट ने दोबारा एप्रोच लिया और विमान को सुरक्षित रनवे पर उतारा।
एयर इंडिया AI-1717 गो-अराउंड सुरक्षा प्रक्रिया से जुड़ी घटना
एयर इंडिया AI-1717 गो-अराउंड की घटना उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी दुर्घटना से जुड़ी नहीं थी, बल्कि सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए अपनाई गई प्रक्रिया थी। अनस्टेबल एप्रोच की स्थिति में पायलट द्वारा लैंडिंग रोककर नए एप्रोच के लिए विमान को दोबारा ऊंचाई पर ले जाना विमानन सुरक्षा का हिस्सा है। AI-1717 ने भी पहली कोशिश के बाद यही प्रक्रिया अपनाई और दूसरी कोशिश में लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की।
