पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक संकट और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुरक्षित है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। सरकार ने कहा कि देश में कच्चे तेल का 60 दिनों का भंडार, प्राकृतिक गैस का 60 दिनों का स्टॉक और एलपीजी का लगभग 45 दिनों का रिजर्व मौजूद है, जिससे किसी भी तरह की आपूर्ति बाधित होने की आशंका नहीं है।
LPG सप्लाई सामान्य, रिकॉर्ड स्तर पर घरों तक पहुंच रही रसोई गैस
मंत्रालय ने एलपीजी सप्लाई को लेकर भी राहत भरी जानकारी दी है। सरकार के अनुसार पिछले कुछ दिनों में 1 करोड़ से अधिक बुकिंग के मुकाबले 1.26 करोड़ सिलेंडर घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचाए गए हैं, जो सप्लाई सिस्टम की मजबूती को दर्शाता है। इसके अलावा कमर्शियल और ऑटो एलपीजी की बिक्री भी सामान्य स्तर पर बनी हुई है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में किसी भी पेट्रोल पंप या एलपीजी एजेंसी पर कमी की स्थिति नहीं है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा रिफाइनिंग हब है और घरेलू मांग को पूरी तरह पूरा किया जा रहा है, जिससे बाजार में स्थिरता बनी हुई है।
PM मोदी की अपील: ऊर्जा बचाएं, सार्वजनिक परिवहन और स्वदेशी को अपनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नागरिक सार्वजनिक परिवहन, मेट्रो, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक उपयोग करें। इसके साथ ही माल ढुलाई में रेलवे को प्राथमिकता देने और ‘वर्क फ्रॉम होम’ जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी गई है ताकि ईंधन की बचत हो सके। पीएम ने सोने की अनावश्यक खरीद से बचने, गैर-जरूरी विदेश यात्राओं को टालने और ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया है। सरकार का कहना है कि वैश्विक दबाव के बीच ऊर्जा संरक्षण केवल नीति नहीं बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहेगी।