Amit Shah North Bengal Visit: सिलीगुड़ी कॉरिडोर से पूर्वी सीमा तक सुरक्षा पर मंथन
Amit Shah North Bengal Visit
Amit Shah North Bengal Visit: अरुणाचल प्रदेश के ताक्सिंग से लेकर सिलीगुड़ी तक पूर्वी भारत का सुरक्षा परिदृश्य बेहद संवेदनशील माना जाता है। इसी रणनीतिक भूगोल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करीब एक महीने में दूसरी बार उत्तर बंगाल पहुंचे हैं। Amit Shah North Bengal Visit के दौरान तीन दिन तक सीमा सुरक्षा, सीमावर्ती इलाकों की स्थिति और सुरक्षा परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी। नेपाल, भूटान और बांग्लादेश से लगी सीमाओं के साथ-साथ देश के बेहद महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर केंद्र सरकार का विशेष फोकस है।
SSB जवानों से संवाद और सीमा सुरक्षा परियोजनाओं की समीक्षा
बागडोगरा पहुंचने के बाद अमित शाह सुकना के लिए रवाना हुए। दौरे के दौरान सशस्त्र सीमा बल यानी एसएसबी के सीमांत मुख्यालय में सीमा सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा और जवानों से संवाद का कार्यक्रम है। Amit Shah North Bengal Visit के तहत 21 अगस्त को सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं 22 अगस्त को विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है। इन बैठकों में सीमावर्ती क्षेत्रों की चुनौतियों और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हो सकती है।
Siliguri Corridor क्यों है भारत की सुरक्षा के लिए अहम?
सिलीगुड़ी गलियारा देश के बाकी हिस्से को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ने वाली सबसे महत्वपूर्ण स्थलीय कड़ी है। इस इलाके के आसपास नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की सीमाएं मौजूद हैं। यही कारण है कि Amit Shah North Bengal Visit में सिलीगुड़ी कॉरिडोर सुरक्षा एजेंडे के केंद्र में है। सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस गलियारे में किसी बड़ी सुरक्षा चूक का असर केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूर्वोत्तर की सैन्य, नागरिक और आर्थिक संपर्क व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। पूर्वोत्तर के आठ राज्यों की मुख्य भूमि से संपर्क व्यवस्था इस क्षेत्र से जुड़ी है।
घुसपैठ से लेकर तस्करी तक कई चुनौतियों पर निगरानी
पूर्वी सीमा पर केंद्र सरकार का फोकस केवल अवैध घुसपैठ रोकने तक सीमित नहीं है। Amit Shah North Bengal Visit के दौरान बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी मंथन किया जा रहा है। इसमें तस्करी, हथियारों और मादक पदार्थों की अवैध आवाजाही, मानव तस्करी, सीमा पार अपराध और संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी असामान्य गतिविधि का शुरुआती स्तर पर पता लगाने पर जोर है। भारत-बांग्लादेश सीमा पर अब तक 1,647.696 किलोमीटर क्षेत्र में बाड़ लगाए जाने का उल्लेख सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में किया जा रहा है।
तकनीक, खुफिया नेटवर्क और एजेंसियों के समन्वय पर जोर
सीमा सुरक्षा की मौजूदा रणनीति में केवल सीमा बाड़ पर निर्भर रहने के बजाय सड़क, सीमा चौकियों, तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के साझा इस्तेमाल को भी शामिल किया गया है। Amit Shah North Bengal Visit के दौरान केंद्र और राज्य की विभिन्न एजेंसियों के बीच तत्काल समन्वय को मजबूत करने पर भी जोर रहने की संभावना है। गृह मंत्रालय की सीमा प्रबंधन नीति में बाड़, सड़क, सीमा चौकियों और आधुनिक तकनीकी प्रणालियों को एकीकृत सुरक्षा ढांचे का हिस्सा बनाया गया है। ऐसे में अमित शाह का उत्तर बंगाल दौरा पूर्वी भारत की सीमाओं और सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
