महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता और विद्यार्थी सेना के प्रमुख अमित ठाकरे ने हाल ही में पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में लड़कियों की सुरक्षा को लेकर एक सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा, “लड़कियों को छूने वालों के हाथ-पैर तोड़ दो और फिर पुलिस के हवाले करो।” यह बयान पुणे और औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) में लड़कियों के साथ छेड़खानी और दुर्व्यवहार की बढ़ती घटनाओं के संदर्भ में आया है। अमित ठाकरे का यह बयान न केवल चर्चा में है, बल्कि यह मनसे की आक्रामक और जनहितैषी छवि को भी दर्शाता है।
छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्य
अमित ठाकरे ने अपने भाषण में छत्रपति शिवाजी महाराज का उल्लेख करते हुए कहा, “हम छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्य में रहते हैं। यह ऐसा राज्य नहीं है जहां कोई लड़कियों पर हाथ डाल सके।” उन्होंने अभिभावकों को आश्वासन दिया कि लड़कियों को स्कूल और कॉलेज भेजने में डरने की जरूरत नहीं है। ठाकरे ने कहा, “हम आपके साथ हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आपके बच्चे सुरक्षित रहें।” यह बयान उस समय आया है जब पुणे में विपक्ष लड़कियों के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार के मुद्दे पर सरकार पर हमलावर है।
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मनसे की विद्यार्थी सेना की सक्रियता
अमित ठाकरे, जो मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बेटे हैं, हाल के दिनों में अपनी पार्टी की विद्यार्थी इकाई को मजबूत करने में जुटे हैं। उन्होंने पुणे में आयोजित छात्र सम्मान समारोह में विद्यार्थी सेना की भूमिका को रेखांकित किया। ठाकरे ने कहा, “मेरा एक ही सपना था कि हम छात्रों तक पहुंचें, और आप मेरे इस सपने को साकार कर रहे हैं।” उन्होंने विद्यार्थी सेना के कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी वजह से ही वह इस मंच पर हैं।
लड़कियों की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध
अमित ठाकरे ने अपने भाषण में लड़कियों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, “लड़के-लड़कियां स्कूल और कॉलेज जाते समय सुरक्षित रहें, यही हमारा लक्ष्य है। अगर कोई समस्या अभिभावकों तक नहीं पहुंचती, तो हम उनके लिए मौजूद हैं।” ठाकरे ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को बिना किसी डर के स्कूल-कॉलेज भेजें। उन्होंने मनसे की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उनकी पार्टी हर कदम पर जनता के साथ खड़ी है।
राजनीतिक सक्रियता और गठबंधन की अटकलें
अमित ठाकरे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मनसे और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के बीच गठबंधन की चर्चाएं जोरों पर हैं। पिछले साल विधानसभा चुनाव में अमित ठाकरे ने मुंबई की माहिम सीट से चुनाव लड़ा था, हालांकि वे जीत नहीं पाए। फिर भी, उनकी सक्रियता और जनता से सीधा संवाद मनसे को नई दिशा देने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है।
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