August 28, 2026

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Aravalli की पहाड़ियों पर Supreme Court के आदेश पर मचा बवाल!

Aravalli

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Aravalli: इन दिनों देश भर में अरावली पहाड़ियों के लिए विवाद देखने को मिल रहा है। वजह है Supreme Court का किया गया एक फैसला जिसने पूरे देश में इस नए विवाद को जन्म दे दिया है। जिसके बाद से सोशल मीडिया हो या फिर राजनीतिक खेमा अरावली की चर्चाएँ हर जगह हो रही है। आपको बता दे कि अरावली की पहाड़ी सदियों पूरानी पहाड़ियाँ मानी जाती है। जो न सिर्फ पहाड़ियाँ है बल्कि पूरे उत्तर भारत की वो प्राकृतिक दिवार है जिसने वर्षो तक पूरे भारत को रेगिस्तान बनने से बचाया है। आज हम आपको अपने लेख के माध्यम से अरावली हील्स के बारे में पूरी गहराई से बताएँगे। आइए एक नज़र डालते है पूरी खबर पर। अधिक जानकारी के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े।

Aravalli: जाने क्यों है अरावली की पहाड़ियाँ खास

जानकारी के लिए बता दे कि अरावली की पहाड़ियों ने वर्षो तक थार रेगिस्तान के आगे एक मजबूत दिवार बनकर पूरे भारत को ठंडा रेगिस्तान बनने से बचाया है। धूल मिट्टी और गर्मी की झुलसती गर्मी, अरावली ने इन सब मुसीबतों में अपने मज़बूत पकड़ से देश की रक्षा की है। मगर आज अवैध माइनिंग के कारण अरावली की पहाड़ियों का 25% हिस्सा खत्म हो चुका है। वहीं अब इसी अवैध खनन से अरावली की पहाड़ियों को बचाने के लिए सूप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा आदेश जारी किया है। जिसके बाद जहाँ कुछ लोग इस फैसले सही और सटीक बता रहे है। तो वहीं कुछ लोग Supreme Court के इस फैसले को अरावली की पहाड़ी, भारतीय संस्कृति के खिलाफ बता रहे है।

अरावली की पहाड़ियों पर आए इन आंकड़ो ने किया हैरान

आपको बता दे कि सुप्रीम कोर्ट ने वैज्ञानिक आधार पर एक एकसमान परिभाषा लागू किया है ताकि राज्य सरकारें कागज़ों में पहाड़ों को छोटा बता कर संरक्षण से बाहर न कर सकें। और इतना ही नहीं, साथ ही अवैध खनन पर कड़ी रोक लगाने के आदेश दिए है। वहीं इन सब के अलावा Aravalli की पहाड़ियो पर एक चौंकाने वाला आंकड़ा भी सामने आया है जिसमे ये दावा किया गया है कि अरावली का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा पहले ही गायब हो चुका है। यही वजह है कि आज दिल्ली ही नहीं, पूरा उत्तर भारत इसका खामियाजा भुगत रहा है। अरावली की लड़ाई सिर्फ पहाड़ों की नहीं, ये हमारी हवा, हमारे पानी और आने वाली पीढ़ियों की लड़ाई है। अब देखना होगा कि इस पूरे विवाद पर अब और कौन कौन से बयान सामने आते है।

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