August 28, 2026

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बिहार चुनाव 2025: दूसरे चरण का प्रचार थमा, 11 नवंबर को मतदान की बारी!

प्रचार अभियान का जोरदार समापन

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण का प्रचार रविवार शाम 6 बजे थम गया। अब पूरे राज्य की निगाहें 11 नवंबर को होने वाले मतदान पर टिकी हैं। इस चरण में 20 जिलों की 122 सीटों पर वोटिंग होगी, जहां 1302 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें पुरुषों के अलावा महिलाएं और एक थर्ड जेंडर उम्मीदवार भी शामिल हैं, जो चुनावी विविधता को दर्शाता है। पहले चरण के बाद सभी दलों ने आखिरी दौर में पूरी ताकत लगाई, रैलियां, रोड शो और सोशल मीडिया अभियान चलाए। एनडीए और महागठबंधन दोनों ने जनता से विकास, रोजगार और सुरक्षा के वादों पर वोट मांगे।

एनडीए की आक्रामक रणनीति

भाजपा, जेडीयू और सहयोगी दलों ने प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कई रैलियां कीं। मोदी ने बिहार को ‘डबल इंजन’ सरकार का लाभ बताते हुए बुनियादी ढांचे, सड़कें और रोजगार योजनाओं पर जोर दिया। शाह ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी घुसपैठियों की चिंता ज्यादा करते हैं, जबकि बिहार के युवाओं की अनदेखी। चिराग पासवान ने प्रचार को शांतिपूर्ण बताते हुए एनडीए की एकजुटता पर भरोसा जताया। जेडीयू ने नीतीश की ‘सुशासन’ छवि को हाइलाइट किया, जबकि भाजपा ने हिंदुत्व और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे उठाए।

महागठबंधन का जनता से सीधा संवाद

दूसरी ओर, महागठबंधन ने तेजस्वी यादव और राहुल गांधी के नेतृत्व में जोरदार कैंपेन चलाया। तेजस्वी ने एक्स पर पोस्ट कर एनडीए पर भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के आरोप लगाए, युवाओं से 10 लाख नौकरियों का वादा दोहराया। राहुल गांधी ने पूर्णिया रैली में मोदी, शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त पर ‘वोट चोरी’ की साजिश का गंभीर आरोप लगाया, कहा कि लोकतंत्र खतरे में है। प्रियंका गांधी ने महिलाओं से अपील की, जबकि अन्य नेता गांव-गांव घूमे। गठबंधन ने आरक्षण, किसान कल्याण और महंगाई जैसे मुद्दों पर फोकस किया, एनडीए को ‘झूठी सरकार’ बताया।

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मुद्दे जो बनाएंगे नई सरकार

चुनाव में मुख्य मुद्दे विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य रहे। बिहार की जनता बाढ़ नियंत्रण, प्रवासी मजदूरों की समस्याओं और महिलाओं की सुरक्षा पर फैसला करेगी। एनडीए ‘विकास और स्थिरता’ का दावा कर रही, तो महागठबंधन ‘परिवर्तन और न्याय’ की बात। थर्ड जेंडर उम्मीदवार की मौजूदगी सामाजिक समावेश को रेखांकित करती है। प्रचार शांतिपूर्ण रहा, कोई बड़ी हिंसा नहीं हुई, जो लोकतंत्र की मजबूती दिखाता है।

मतदान की तैयारियां और उम्मीदें

11 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोटिंग होगी। ईवीएम और वीवीपैट का इस्तेमाल होगा, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम। मतदाता आईडी, आधार या अन्य दस्तावेज लेकर आएं। पहले चरण में अच्छा turnout रहा, उम्मीद है दूसरे में भी। नतीजे 13 नवंबर को आएंगे, जो बिहार की नई दिशा तय करेंगे। जनता किसे चुनेगी—स्थिरता या बदलाव? अब वोटरों की बारी है, जो लोकतंत्र की असली ताकत हैं। बिहार का भविष्य मतपेटी में कैद है!

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