MGNREGA: भाजपा सरकार में नाम बदने वाला ट्रेंड लगो के बीच खूब सुर्खियां बटोर रहा है। वहीं इसी नाम बदलने के क्रम पर आज देश में एक बड़ा बवाल देखने को मिला है। खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में चल रही कैबिनेट बैठक में मनरेगा के नाम को बदलने का प्रस्ताव किया गया है। जिसके बद से सियासी हलचल एक बार फिर तेज़ हो गई है। माना जा रहा है कि इस बदलाव के पीछे न केवल कार्यक्रम की नई पहचान बनाना बल्कि इसके दायरे का विस्तार करना भी है। वहीं अब िस खबर के सामने आने के बाद कांग्रेस एमपी जयराम रमेश ने अपनी टिप्पणी दी है। आइए एक नज़र डालते है पूरी खबर पर। अधिक जानकारी के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े।
MGNREGA के बदलते नाम पर जयराम रमेश ने उटाए ये सवाल
जानकारी के लिए बता दे कि खबर सामने आई है कि मनरेगा को अब ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार गारंटी बिल 2025’ के नाम से बदलने का प्रस्ताव पेश किया गया है। अब इस पर कांग्रेस एमपी जयराम रमेश ने सवाल उठाए है। जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि अब राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का नाम बदलकर इसे पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना क्यों किया जा रहा है। उन्होंने पूछा, “महात्मा गांधी का नाम क्यों नहीं रख सकते?” उनका कहना था कि यह महात्मा गांधी के प्रति नफरत और इतिहास तोड़ने जैसा कदम है।
मनरेगा के अलावा शिक्षा अधिस्थान पर भी सरकार देगी ज़ोर
बता दे कि MGNREGA भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी दूर करने और रोजगार बढ़ाने के लिए सबसे अहम सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक रहा है। मनरेगा के नाम बदलने के साथ ही कैबिनेट शिक्षा क्षेत्र में भी बड़े बदलाव पर विचार कर रही है। ‘विकास भारत शिक्षा अधिस्थान बिल 2025’ को मंजूरी देने की संभावना है, जो शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। अब ऐसे में ये देखना होगा कि सरकार के इस फैसले पर किस कदर सियासा पारा चढ़ता है। और विपक्ष और नेता प्रतिपक्ष इसपर क्या प्रतिक्रिया देते है।

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