January 24, 2026
BMC Election 2026

BMC Election 2026

BMC Election 2026 मे भाजपा की हुई प्रचंड जीत! ठाकरे परिवार हुआ ध्वस्त

BMC Election 2026: मुंबई की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक रहा है। 2026 के BMC चुनावों में भाजपा- महायुति गठबंधन ने लगभग तीन दशक की शिवसेना की हुकूमत को पूरी तरह झुका दिया है। बीएमसी चुनाव ने भाजपा- महायुति को सिर्फ जीत नहीं मिली है। बल्कि इस जीत के साथ ही बीजेपी ने बीएमी चुनीव में 50 प्रतिशत मतदान हासिल किया है। जीत के बाद बीजेपी में खुशी का माहोल है। आइए एक नज़र डालते है BJP-नेता महायुति ने कैसे मारी बाज़ी और क्यों ठाकरे परिवार की सियासी पारी अब लगभग खत्म होती जा रही है। अधिक और पूरी जानकारी के लिए हमारे इस लेख को अंत तक पढ़ना न भूले।

BMC Election 2026: जाने किस पार्टी के हिस्से आई कितनी सीट

आपको बता दे कि कुल 227 सीटों वाली इस नगर निगम में, महा युति ने 118 सीटें जीतकर बहुमत हासिल की है। बीजेपी ने अकेले सबसे बड़ी पार्टी बनकर 89 सीटें जीती हैं, जबकि शिवसेना (एकनाथ शिंदे) को केवल 29 सीटों पर संतोष करना पड़ा। विपक्ष में शिवसेना (UBT) को 65 सीटें मिलीं, कांग्रेस 24, AIMIM 8, राज ठाकरे की MNS 6 और NCP को कुल 4 सीटें मिलीं। जानकारी के लिए बता दे कि इस जीत के पीछे कई वजहें हैं। वहीं बात अगर जीत के वजह की करें तो पहली, वोटर रीएलाइंगमेंट. बता दे कि अब लोग केवल मराठी अस्मिता की राजनीति नहीं देख रहे, बल्कि शहरी विकास, बुनियादी सुविधाएं और ‘Triple Engine’ सरकार की कामकाजी नीतियों पर ध्यान दे रहे हैं। दूसरी, विपक्ष का विभाजन। कांग्रेस और शिवसेना (UBT) के बीच ‘फ्रेंडली फाइट्स’ ने वोटों को बंटा दिया। तीसरी, महिला वोटर सपोर्ट। भाजपा की लड़की बहिन योजना ने कई महिला वोटरों का मन अपनी ओर किया।

जाने क्या कहते है राजनीतिक विशेषज्ञ?

भाजपा-शिवसेना (महा युति) के manifestos में 35 लाख नए घर, 5 साल तक पानी का कर स्थगित, जापानी तकनीक से मुंबई को बाढ़ मुक्त बनाने का वादा और महिलाओं के लिए बस किराया 50% तक कम करने की योजना थी। वहीं विपक्ष ने स्थानीय पहचान, मराठी मनूस की सुरक्षा और पिछड़े इलाकों में विकास की बात की। विशेषज्ञों का कहना है कि BMC Election 2026 में ठाकरे भाई की पुनर्मिलन योजना अपेक्षित वोट बैंक नहीं बना सकी। इस जीत के साथ भाजपा-नेता महायुति अब मुंबई निगम में शक्ति संतुलन पूरी तरह बदल देंगे, और आने वाले पांच साल में शहर की नीतियों और विकास की दिशा तय करेंगे। मुंबई की जनता ने अपनी पसंद साफ कर दी है, अब सवाल यह है कि नए निगम में विकास की क्या नई कहानी लिखी जाएगी।

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