Budget 2026: शेयर बाजार के निवेशकों ने 2026-27 के आम बजट से पहले कैपिटल मार्केट टैक्सेशन को आसान बनाने की मांग की है। इसमें लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) पर छूट सीमा बढ़ाने, ट्रांजैक्शन टैक्स में कोई बढ़ोतरी न करने और नकद इक्विटी सौदों पर एसटीटी में राहत जैसी प्रमुख बातें शामिल हैं।
LTCG टैक्स फ्री छूट बढ़ाने की मांग
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज ने सरकार से कहा है कि इक्विटी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर टैक्स-फ्री छूट सीमा को 1.25 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया जाना चाहिए। इसके अलावा कंपनी ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
- इक्विटी, डेट, सोना और रियल एस्टेट सहित सभी परिसंपत्ति वर्गों में ‘लॉन्ग टर्म’ की परिभाषा 12 महीने मानकीकृत की जाए।
- पूंजीगत हानि (Capital Loss) को अन्य आय के साथ समायोजित करने की अनुमति दी जाए।
- लेनदेन से जुड़े टैक्सों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी से बचा जाए।
Budget 2026: नकद इक्विटी सौदों पर एसटीटी में राहत का प्रस्ताव
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के एमडी और CEO धीरज रेली ने कहा कि बाजार के हितधारकों ने दीर्घकालिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए नकद इक्विटी सौदों पर एसटीटी को डेरिवेटिव की तुलना में कम रखने का प्रस्ताव रखा है।
इसके अतिरिक्त उन्होंने सुझाव दिया:
- शेयर पुनर्खरीद (Buyback) पर केवल लाभ वाले हिस्से पर टैक्स लगाया जाए।
- घरेलू निवेशकों के लिए डिविडेंड टैक्स की दरें अनिवासी भारतीयों पर लागू दरों के अनुरूप की जाएं।
बजट तारीख और बाजार खुला रहेगा
आम बजट रविवार, 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया जाएगा। इस बार शेयर बाजार भी बजट के मौके पर खुला रहेगा, जिससे निवेशक सीधे बजट घोषणाओं का असर देख सकेंगे।

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