Bulldozer Action: दिल्ली से आज एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने एक बार फिर राजधानी में बड़ी बहस छेड़ दी है। बता दे कि आज सुबह दिल्ली में एक बड़ा बुलडोज़र एक्शन देखने को मिला। जिसके बाद ये पूरा मामले में भाजपा और धर्म की राजनीती का एंगल ले लिया। औक इतना ही नही आज जब बुलडोज़र एक्शन को अंजाम दिया जा रहा था तब पुलिस पर लोगो द्वारा पत्थबाज़ी भी की गई। तो आइए एक नज़र डालते है इस पूरी खबर पर। और साथ ही जानेंगे कि आखिर वो क्या फैसला है जिसलके तहत दिल्ली में इस बुलडोज़र एक्शन को अंजाम दिया गया। तो इस लेख को अंत तक पढ़ना न भूले।
Bulldozer Action: जाने क्या है पूरी विवाद
जानकारी के लिए बता दे कि 7 जनवरी 2026 की सुबह दिल्ली नगर निगम ने तुर्कमान गेट स्थित फ़ैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माणों पर बड़ा बुलडोज़र अभियान चलाया। यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के तहत की गई। आपको बता दे कि इस एक्शन के दौरान करीब 38000 वर्गफुट जमीन को अवैध अतिक्रण से खाली कराया गया। जिसके बाद दिल्ली नगर निगम और दिल्ली पुलिस को वहाँ मोजूद लोगो का विरोध भी झेलना पड़ा। इतना ही नही, इस दौरान प्रशासन पर भीड़ द्वारा पत्थराव भी किया गया है। वही बात अगर इस विरोध की करें, तो विरोध क दौरान 5 पुलिस कर्मी घायल हुए है और करीब 7-10 लोगो को गिगफ्तार भी किया गया है।
जाने कोर्ट ने दिए थे क्या आदेश?
इसके अलावा बात अगर कोर्ट के फैसले की करें तो, यह Bulldozer Action नवंबर 2025 के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के तहत की गई है। जिसके अंतर्गत अवैध अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया गया था। जानकारी के लिए बता दे कि मुख्य मस्जिद भवन (लगभग 8,000 वर्गफुट) को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। सामाजिक कार्यकर्ता प्रीत सिरोही ने इस कार्रवाई को सार्वजनिक ज़मीन पर अवैध कब्ज़ों के खिलाफ न्यायसंगत कदम बताया। यह इलाका पहले भी एक आतंकी घटना से जुड़ा रहा है, जिसके चलते यहां सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता बनी हुई है।

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