August 28, 2026

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कनाडा की डॉक्टर का घिनौना कांड: मरीजों के साथ अनैतिक व्यवहार

परिचय: डॉक्टरी पेशे पर दाग

कनाडा के ओंटारियो से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो डॉक्टरी पेशे की साख पर सवाल उठाती है। समाज में सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले इस पेशे की एक डॉक्टर, डॉ. सुमन खुलबे, ने अपनी हरकतों से सभी को स्तब्ध कर दिया है। उनके खिलाफ यौन अपराधों के गंभीर आरोप सिद्ध हुए हैं, जिसने मरीज-डॉक्टर के रिश्ते की नींव को हिलाकर रख दिया है। यह मामला न केवल कानूनी, बल्कि नैतिकता और विश्वास का भी है।

क्या है पूरा मामला?

ओंटारियो की फैमिली फिजिशियन डॉ. सुमन खुलबे को कोर्ट और मेडिकल ट्राइब्यूनल ने यौन अपराधों का दोषी ठहराया है। जांच में पाया गया कि डॉ. खुलबे ने अपने मरीजों का इलाज के नाम पर दुरुपयोग किया। उन्होंने मरीजों को क्लिनिक में बुलाकर न केवल शराब परोसी, बल्कि कुछ मामलों में नशे की दवाएं जैसे ‘प्रोकेन’ का भी इस्तेमाल किया। यह उनके मरीजों के प्रति अनैतिक व्यवहार का हिस्सा था।

चौंकाने वाले खुलासे

डॉ. खुलबे ने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने एक मरीज को चूमा, इरॉटिक मसाज दी और दो मरीजों के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए। उन्होंने इन हरकतों को ‘रिश्ता’ करार दिया, लेकिन मेडिकल एथिक्स इसे स्पष्ट रूप से अपराध मानता है। इसके अलावा, एक जिम ट्रेनर ने भी आरोप लगाया कि डॉ. खुलबे ने उसे अनुचित तरीके से छुआ, शारीरिक संबंध के लिए दबाव डाला और प्यार का इजहार किया। ये सभी आरोप मेडिकल ट्राइब्यूनल में सही पाए गए।

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कानूनी कार्रवाई और सजा

इन गंभीर आरोपों के बाद डॉ. सुमन खुलबे का मेडिकल लाइसेंस 23 अगस्त 2025 से निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, वह इस फैसले के खिलाफ अपील करने की तैयारी कर रही हैं। लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या ऐसी हरकतों को किसी भी रूप में उचित ठहराया जा सकता है? मरीज और डॉक्टर के बीच का रिश्ता विश्वास पर टिका होता है, और इस तरह की घटनाएं उस विश्वास को चकनाचूर कर देती हैं।

समाज पर प्रभाव

यह घटना केवल एक व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि पूरे मेडिकल प्रोफेशन के लिए एक चेतावनी है। जब एक डॉक्टर ही अपने पेशे की मर्यादा को तोड़ दे, तो समाज किस पर भरोसा करेगा? यह मामला हमें याद दिलाता है कि प्रोफेशनल एथिक्स केवल किताबों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हर प्रैक्टिस में इसका पालन अनिवार्य है। मरीजों के प्रति जवाबदेही और नैतिकता ही इस पेशे की असली ताकत है।

भरोसे की बहाली की जरूरत

डॉ. सुमन खुलबे का मामला हमें सोचने पर मजबूर करता है कि मेडिकल प्रोफेशन में नैतिकता और जवाबदेही को और सख्त करने की जरूरत है। यह घटना न केवल कनाडा, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक सबक है कि पेशेवर नैतिकता को हर हाल में बनाए रखना होगा। समाज का भरोसा बनाए रखने के लिए मेडिकल क्षेत्र को और पारदर्शी और जिम्मेदार बनाना होगा।

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