CM Yogi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बढ़ती गर्मी और बिजली की बढ़ती मांग के बीच राज्य में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि गांव हो या शहर, किसी भी क्षेत्र में बिजली कटौती की समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने ऊर्जा उत्पादन इकाइयों को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने, तकनीकी दक्षता बढ़ाने और रखरखाव व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही, उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति से जुड़ी सही और समयबद्ध जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि लोगों को समाधान की स्थिति स्पष्ट रूप से पता चल सके।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे सिस्टम पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क को आधुनिक और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए। वर्तमान में उत्तर प्रदेश की ट्रांसमिशन व्यवस्था में 60,858 सर्किट किलोमीटर लाइनें और 715 उपकेंद्र कार्यरत हैं, जिनकी उपलब्धता 99.30 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं, उत्पादन क्षमता 13,388 मेगावाट तक पहुंच चुकी है, जिसमें तापीय, जल विद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का महत्वपूर्ण योगदान है। सरकार ने 2022 की तुलना में उत्पादन क्षमता में 86 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है, जो ऊर्जा क्षेत्र में बड़े सुधार का संकेत है।
मुख्यमंत्री ने उपभोक्ता केंद्रित बिजली व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि शिकायतों का त्वरित समाधान और पारदर्शी संवाद प्रणाली सुनिश्चित की जाए। स्मार्ट मीटर व्यवस्था को और अधिक उपभोक्ता हितैषी बनाने के निर्देश देते हुए उन्होंने बिलिंग प्रणाली में सुधार और समय पर बिल उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही, ऊर्जा विभाग को दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिसमें विंड, सोलर, बैटरी एनर्जी स्टोरेज और हाइब्रिड ऊर्जा परियोजनाओं को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बिजली केवल तकनीकी विषय नहीं बल्कि आम जनता, किसानों और उद्योगों के जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।