ट्रंप के बयान पर घमासान: भारत की अर्थव्यवस्था पर छिड़ी बहस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत और रूस की अर्थव्यवस्थाओं को ‘मृत’ करार देकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “मुझे इसकी कोई परवाह नहीं कि भारत रूस के साथ क्या करता है। वे अपनी मृत अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ ले जा सकते हैं।” उन्होंने भारत पर उच्च टैरिफ लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत के साथ अमेरिका का व्यापार बहुत कम है। इस बयान ने भारत में सियासी हलचल मचा दी।

राहुल गांधी का समर्थन और बीजेपी का पलटवार

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ट्रंप के बयान का समर्थन करते हुए कहा, “हां, वह सही हैं। प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को छोड़कर सभी जानते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था मृत है। पूरी दुनिया यह बात जानती है।” राहुल के इस बयान पर बीजेपी ने तीखा पलटवार किया। बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट का हवाला देते हुए भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति का दावा किया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है।

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आईएमएफ की रिपोर्ट: भारत की आर्थिक ताकत

आईएमएफ की जुलाई 2025 की वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, भारत विकासशील देशों में चीन के बाद दूसरे स्थान पर है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2025 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.7% और 2026 में 6.4% रहेगी। अमित मालवीय ने इस रिपोर्ट को साझा करते हुए राहुल गांधी पर तंज कसा, “अगर कुछ मृत है, तो वह राहुल गांधी का आत्मसम्मान और दिमाग है।” बीजेपी ने दावा किया कि भारत की अर्थव्यवस्था न केवल स्थिर है, बल्कि वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ रही है।

कांग्रेस में मतभेद: शशि थरूर का अलग रुख

राहुल गांधी के बयान से कांग्रेस के भीतर भी मतभेद उजागर हुए। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पार्टी लाइन से हटकर राहुल के बयान से दूरी बनाई। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के पास ऐसा बयान देने के अपने कारण हो सकते हैं, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था को ‘मृत’ कहना उचित नहीं है। थरूर के इस बयान से कांग्रेस के भीतर आर्थिक मुद्दों पर एकरूपता की कमी दिखाई दी।

भारत की आर्थिक स्थिति का वैश्विक परिदृश्य

भारत की अर्थव्यवस्था पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक मंच पर मजबूत स्थिति में रही है। आईएमएफ और विश्व बैंक जैसी संस्थाओं ने भारत की स्थिर वृद्धि दर की सराहना की है। उच्च टैरिफ के आरोपों के बावजूद, भारत ने वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। ट्रंप के बयान को कई विशेषज्ञों ने अतिशयोक्तिपूर्ण माना है, क्योंकि भारत की अर्थव्यवस्था न केवल जीवंत है, बल्कि निवेश और नवाचार के लिए एक आकर्षक गंतव्य भी है।

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