September 7, 2026

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Delhi Building Collapse: 6 मौतों के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

Delhi Building Collapse

Delhi Building Collapse

Delhi Building Collapse: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में हुआ Delhi Building Collapse पूरी राजधानी को झकझोर देने वाला है। रविवार को पीजी के तौर पर इस्तेमाल की जा रही बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 11 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें इमारत गिरने से कुछ सेकंड पहले एक बुजुर्ग ठेले के साथ मौके पर नजर आते हैं। खतरा भांपते ही वह तेजी से वहां से दूर भागते हैं और इसके बाद पूरी इमारत जमींदोज हो जाती है।

मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी

Delhi Building Collapse के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। मलबे में अब भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिनमें छात्र भी शामिल बताए गए हैं। मौके पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल यानी NDRF, CATS एम्बुलेंस और प्रशासन की कई टीमें मौजूद हैं। अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। अब तक 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। बचाव दल लगातार मलबा हटाकर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

MCD की कार्रवाई से उठे सवाल, जर्जर इमारतों को नोटिस

Delhi Building Collapse सामने आने के बाद दिल्ली नगर निगम ने हादसे वाली गली में मौजूद जर्जर इमारतों को नोटिस जारी किया है। MCD के मुताबिक गिरी हुई इमारत की पहचान पी-14, सत्य निकेतन के तौर पर हुई है। यह पुनर्वास कॉलोनी का हिस्सा है और करीब 55 वर्ग गज क्षेत्र में बनी थी। प्रॉपर्टी में बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और चौथी मंजिल तक के फ्लोर थे। बताया गया है कि इमारत 1990 के दशक में बनी थी। MCD के अनुसार इसकी बुकिंग या सीलिंग का कोई रिकॉर्ड नहीं है और निर्माण से जुड़े किसी काम को लेकर भी कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई थी।

सत्य निकेतन हादसे के बाद PG खाली, छात्रों के सामने संकट

Delhi Building Collapse  के बाद प्रशासन ने एहतियातन आसपास के कई पीजी खाली करा दिए। हादसा स्थल से सटे पीजी में रहने वाले छात्रों को भी बाहर निकलने के निर्देश दिए गए। कार्रवाई के डर से कुछ पीजी संचालकों ने अपने मकानों से पीजी के बोर्ड तक हटा दिए। अचानक कमरे खाली करने के निर्देश मिलने से छात्र और नौकरीपेशा युवा परेशान नजर आए। दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने नजदीकी कॉलेज में छात्रों के अस्थायी ठहरने की व्यवस्था की है। वहीं, छात्र संगठनों ने प्रभावित छात्रों के लिए लंगर भी लगाया।

PG की सुरक्षा जांच पर बड़ा सवाल

Delhi Building Collapse ने दिल्ली के पीजी और किराये के कमरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल है कि इन इमारतों की नियमित जांच कौन करता है? क्या संरचनात्मक मजबूती का रिकॉर्ड देखा जाता है और क्या फायर सेफ्टी व आपातकालीन निकास की पर्याप्त व्यवस्था होती है? हादसे के बाद दिल्ली मेयर प्रवेश वाही ने चार मंजिल से अधिक वाले अवैध निर्माणों को तत्काल सील करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं और भवन मालिक के खिलाफ FIR के निर्देश दिए हैं। जुलाई 2024 के राजेंद्र नगर कोचिंग बेसमेंट हादसे के बाद उठे सुरक्षा सवालों के बीच भी पीजी के लिए अलग और एकीकृत फायर एवं स्ट्रक्चरल सेफ्टी कोड लागू नहीं हो सका है।

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