August 29, 2026

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Delhi NCR: एक एक सांस हुई जहरीली! शहर में छाया प्रदूषण

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Delhi NCR: एक एक सांस हुई जहरीली! शहर में छाया प्रदूषण दिल्ली एनसीआर में हर बीतते दिन के साथ स्थिति बदतर ही होती जा रही है। शनिवार को दिल्ली और आस पास के ईलाके में एक्यूआई इंडेक्स 400 के पार चला गया है। जिसके बाद से ही शहर में ग्रैप 3 लागू कर दिया गया है। आपको बता दे कि एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में रहने वाले लोगों का फेफड़ा इस कदर खराब हो रहा है जैसे प्रतिदिन 5 सिगरेट पीने वालो का होता है। वहीं इसी सिलसिले में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने भी सरकार और विपक्ष को एक साथ मिलकर काम करने की अपील की है। वहीं बात अगर आज की करे तो, एनसीआर में ज़ीरो विजीब्लीटी के चलते लोगो की आवाजाही में भी दिक्कत आ रही है। आइए एक नज़र डालते है पूरी खबर पर। पूरी जानकारी के लिए कबर को अंत तक जरूर पढ़े।

Delhi NCR: सरकार ने अबतक लिए ये अहम फैसले

जानकारी के लिए बता दे कि दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण के चलते स्थिती इतनी बदतर हो गई है कि लोगो को सांस लेने की भी दिक्कत आ रही है। वही बत अगर बच्चों की करे तो, बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए बच्चों के स्कूल को भी बंद कर दिया गया है। वहीं क्लास 9वीं से 11वीं तक के बच्चो के लिए हाईब्रीड मोड में क्लास चलाई जा रही है। वहीं इसके अलावा दिल्ली एनसीआर के कई ईलाकों में बीएस 3 और बीएस 4 वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा कर्मचारीयों के लिए एक विशेष आदेश जारी किया गया है। बता दे कि दिल्ली एनसीआर में 50% कर्मचारीयों को वर्क फ्रॉम होम के आदेश दिए गए है।

जाने क्या है प्रदूषण की मुख्य वजह

आपको बता दे कि Delhi NCR प्रदूषण के कई कारण है। जैसे की बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही, आस पास के राज्यों में बड़ी संख्या में पराली जलना। मगर इन सब के अलावा एक प्रकृतिक कारण भी है जो दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का एक बड़ा और मुख्य कारण है। आपको बता दे कि दिल्ली इंडो गंगेटिक प्लेन्स पर बसा हुआ है। जिसका मतलब होता है एक ऐसी जगह जहाँ की भूमि समतल है। यही कारण है कि ठंड के समय में हवा की स्पीड में स्थिरता आ जाती है और पॉल्यूशन के पार्टिकल एक जगह पर ही अटके रह जाते है. जिसके कारण पॉल्यूशन बढ़ जाता है। इसके अलावा अभी भारत में बीएस 3 और बीएस 4 वाहनों की आवाजाही होती है जो बड़ी संख्या में वायू को प्रदूषित करने वाले धूएं छोड़ते है। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या पैसले लेती है।

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