August 28, 2026

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इथेनॉल मिश्रित ईंधन: भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

इथेनॉल मिश्रित ईंधन: एक नई शुरुआत

भारत सरकार द्वारा इथेनॉल मिश्रित ईंधन (E20) को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों ने हाल के दिनों में खूब सुर्खियां बटोरी हैं। E20, जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है, को अप्रैल 2023 में चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर शुरू किया गया था और अप्रैल 2025 तक इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया। यह E10 (10 प्रतिशत इथेनॉल युक्त पेट्रोल) का स्थान ले चुका है, जो पहले भारत में अधिकांश वाहनों में उपयोग होता था। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसे भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

E20 पर बहस: तथ्य बनाम भ्रांतियां

E20 पेट्रोल के उपयोग को लेकर उपभोक्ताओं और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के बीच बहस छिड़ी हुई है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इथेनॉल का कम कैलोरी मान पेट्रोल की तुलना में वाहनों के माइलेज को 2-5 प्रतिशत तक कम कर सकता है। इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी चिंताएं व्यक्त की गई हैं। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय ने 4 अगस्त 2025 को एक्स पर एक पोस्ट में स्पष्ट किया कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से माइलेज में होने वाली कमी नगण्य है और इसके बारे में फैलाया जा रहा डर बेबुनियाद है। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि E20 का उपयोग वाहनों की कार्यक्षमता पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं डालता।

नितिन गडकरी का दृष्टिकोण: आत्मनिर्भर भारत का सपना

नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के 65वें वार्षिक सम्मेलन में E20 के खिलाफ सोशल मीडिया पर चलाए गए अभियानों को “पेड पॉलिटिकल कैंपेन” करार दिया। उन्होंने कहा कि कुछ स्वार्थी तत्व इस बदलाव को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में दायर याचिका को खारिज कर दिया है। गडकरी ने जोर देकर कहा कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन भारत के 22 लाख करोड़ रुपये के आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता को कम करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। यह न केवल पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मदद करता है, बल्कि गन्ना और अनाज आधारित इथेनॉल की मांग बढ़ाकर किसानों की आय को भी बढ़ाता है।

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पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद

इथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग न केवल उत्सर्जन में कमी लाता है, बल्कि विदेशी मुद्रा की बचत भी करता है। गडकरी ने इसे एक ऐसी पहल बताया, जो भारत को अपनी ताकत पर खड़ा होने में सक्षम बनाएगी। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और किसानों की समृद्धि को एक साथ जोड़ता है। E20 के उपयोग से भारत नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है, जो भविष्य में देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।

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