रूस-यूक्रेन युद्ध: सर्दियों में तनाव कम करने की कोशिश, अमेरिका की मध्यस्थता से बातचीत की उम्मीद
रूस-यूक्रेन युद्ध
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच शांति की दिशा में एक बार फिर कूटनीतिक प्रयास तेज होते नजर आ रहे हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एक इंटरव्यू में बताया कि अमेरिका इस संभावना पर काम कर रहा है कि सर्दियों के दौरान रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का असर कम किया जा सके। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत दोबारा शुरू करने का रास्ता तैयार करना है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका की पहल
रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से करीब तीन घंटे मुलाकात की। इसके बाद दोनों अमेरिकी प्रतिनिधियों ने कीव में जेलेंस्की से भी बातचीत की। अमेरिकी दूतों के मुताबिक, रूस बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि, जेलेंस्की इस दावे को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं, क्योंकि जमीन पर रूसी हमले अभी भी जारी हैं।
सर्दियों में हमले कम करने पर बन सकती है सहमति
रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान सर्दियों में तनाव कम करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है। इसमें बिजली और हीटिंग से जुड़े ठिकानों पर हमले रोकना या कम करना शामिल है। इसके साथ ही व्यापार और अनाज की आपूर्ति को जारी रखने पर भी जोर है, ताकि वैश्विक स्तर पर महंगाई और खाद्य संकट को बढ़ने से रोका जा सके।
पुतिन की रणनीति और ट्रंप की भूमिका
रूस-यूक्रेन युद्ध में सर्दियों को लेकर रूस की रणनीति भी अहम मानी जा रही है। जेलेंस्की के मुताबिक, पुतिन को उम्मीद है कि कड़ाके की ठंड के दौरान यूक्रेन के बिजली और ऊर्जा ढांचे पर हमले करके दबाव बढ़ाया जा सकता है। वहीं, जेलेंस्की का मानना है कि पुतिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नाराज नहीं करना चाहते और चुनावों से पहले उन्हें कूटनीतिक सफलता दिलाने की कोशिश कर सकते हैं।
जेलेंस्की की मांगें और आगे की कूटनीति
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन अपनी ओर से जितनी रियायतें दे सकता था, दे चुका है। उनके अनुसार किसी भी शांति प्रक्रिया के साथ यूक्रेन को ठोस सुरक्षा गारंटी, आर्थिक मदद और एयर डिफेंस सिस्टम मिलना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रूस यूक्रेन की बिजली व्यवस्था को निशाना बनाता है, तो यूक्रेन भी रूस के तेल और गैस व्यापार को निशाना बनाएगा। जेलेंस्की के मुताबिक सितंबर और अक्टूबर कूटनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं और संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा आगे बढ़ सकती है। उन्हें उम्मीद है कि भीषण ठंड शुरू होने से पहले अमेरिकी मध्यस्थता से बातचीत की नई शुरुआत हो सकती है।
