Bangladesh
Bangladesh: भारतीय रेलवे की कोच निर्माण क्षमता अब पड़ोसी देशो के रेल व्यवस्था को भी नया सवरुप देने जा रही है। पंजाब रेलवे के कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री मंगलवार को बांग्लादेश रेलवे के लिए 19 एलएचबी ब्राडगेज यात्री कोचों वाली पहली रेक का रोलआउट करेगी। यह भारत की डिजाइन, इंजीनियरिंग और निर्माण क्षमता को अतंरराष्टीय स्तर पर दिखाने वाला महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही इससे भारत और बांग्लादेश के बीच रेल सहयोग को भी मजबूती मिलेगी। यह रेक वर्ष 2024 में मिले 200 ब्राॅडगेज यात्री कोचों के बड़े ऑर्डर का पहला हिस्सा है।
पहली रेक में 19 आधुनिक कोच शामिल
पहली रेक मे तीन AC स्लीपर, तीन AC चेयर कार, 11 नाॅन AC चेयर कार और दो पावर कार शामिल है। इन कोचों को बांग्लादेश रेलवे की जरुरतों और वहां की परिचालन परिस्थियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पुराने कोंचों की तुलना मे LHB कोच ज्यादा आधुनिक, सुरक्षित और तेज गति के लिए डिजाइन किए जाते है। खास बात यह है की बाग्लादेश की जरुरत के अनुसार इस कोचों मे कई बदलाव किए गए है और कुछ सुविधाएं पहली बार LHB कोचों में शामिल की गई है।
बांग्लादेश ने दिया 200 कोचों का ऑर्डर
बांग्लादेश रेलवे ने वर्ष 2024 मे RITES के माध्यम से कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री को 200 ब्राॅडगेज यात्री कोच बनाने और सप्लाई करने का ऑर्डर दिया था। ये सभी कोच सात अलग-अलग वेरिएंट में तैयार किए जाने है। इन्हे जून 2026 से दिसंबर 2027 के बीच बांग्लादेश भेजने की योजना है। भारत और बांग्लादेश के बीच रेलवे क्षेत्र मे सहयोग करीब एक दशक पुराना है। वर्ष 2015-16 में कपूरथाला से बांग्लादेश को 120 LHB ब्राॅडगेज यात्री कोचो की सफल आपूर्ति की गई थी।
यात्रियों की सुविधा के लिए कई खास फीचर्स
नए कोचो में यात्रियों की सुविधा का भी खास ध्यान रखा गया है। इनमे पीछे की ओर झुकने वाली सीटें, स्टेनलेस स्टील के आर्मरेस्ट और फुटरेस्ट दिए गए है। AC कोंचो में पंखे, CCTV निगरानी प्राणली, यात्री अलार्म सिस्टम और आंशिक रुप से खुलने वाली खिड़कियां शामिल है। इसके अलावा बेबी केयर रुम और प्रार्थना कक्ष जैसी सुविधाएं भी गई है। बांग्लादेश की विशेष जरुरतों को देखते हुए कोच की छत को मजबूत बनाया गया है, ताकि अतिरिक्त भार को भी सहन किया सके।
सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
इन LHB कोचो को यूरोपीय मानक EN-15227 के अनुसार क्रैश-रेजिस्टेंट डिजाइन के साथ तैयार किया गया है। टक्कर की स्थिति मे यात्रियों की सुरक्षा बेहतर हो, इसके लिए पूरे बाॅडी शेल के डिजाइन में बदलाव किया गया है। कोचों की विद्युत प्रणाली भी बांग्लादेश की जरुरत के अनुसार बनाई गई है। इनमे 415 वोल्ट की व्यवस्था होती है। यह परियोजना भारत की रेलवे तकनीक और कोच निर्माण क्षमता के बढते वैश्विक प्रभाव को दर्शाती है।