January 23, 2026
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India: दुनिया की अगली सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति?

डेविड रुबेनस्टीन की भविष्यवाणी ने चौंकाया

अमेरिका की दिग्गज प्राइवेट इक्विटी कंपनी कार्लिल ग्रुप के को-फाउंडर और मशहूर बिजनेसमैन डेविड रुबेनस्टीन ने India की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है। रुबेनस्टीन का कहना है कि अगले 20 से 30 वर्षों में India दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है, जिससे अमेरिका और चीन दोनों पीछे छूट सकते हैं।

दावोस से आया बड़ा बयान

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान एक इंटरव्यू में रुबेनस्टीन ने कहा—“मुझे लगता है कि हमारे जीते-जी India दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। शायद इसमें 20–30 साल लगें।”

India की मौजूदा आर्थिक स्थिति

  • India इस समय दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है
  • यह सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था मानी जा रही है
  • अनुमान है कि India जल्द ही जर्मनी को पछाड़कर तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है
  • फिलहाल अमेरिका पहले और चीन दूसरे नंबर पर हैं

रुबेनस्टीन के मुताबिक, India की युवा आबादी उसकी सबसे बड़ी ताकत है, जो लंबे समय में आर्थिक विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाएगी।

India को क्या सलाह दी रुबेनस्टीन ने?

डेविड रुबेनस्टीन ने Indian नीति निर्माताओं से खास अपील करते हुए कहा कि ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी और प्राइवेट क्रेडिट को सिर्फ पश्चिमी निवेश की तरह न देखा जाए।

  • प्राइवेट इक्विटी (PE): गैर-लिस्टेड कंपनियों में निवेश
  • प्राइवेट क्रेडिट: बैंकों के बजाय सीधे कर्ज़ उपलब्ध कराना

उनका मानना है कि अगर इन सेक्टर्स को खुलकर बढ़ने दिया गया, तो

  • India में अच्छी पूंजी वाले उद्यमी आएंगे
  • Indian टैलेंट देश छोड़ने के बजाय देश में ही काम करेगा

गौरतलब है कि कार्लिल ग्रुप India के कई सेक्टर्स में 8 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश कर चुका है।

अमेरिका–India रिश्तों पर भरोसा

रुबेनस्टीन ने कहा कि अमेरिका और India के रिश्तों को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है। उनके मुताबिक,

  • राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप India के साथ रिश्तों को लेकर सकारात्मक रहे हैं
  • ट्रंप ने अपने एक बेहद करीबी सहयोगी को India में राजदूत बनाकर भेजा है

ट्रंप–शी जिनपिंग संबंधों पर टिप्पणी

China को लेकर रुबेनस्टीन ने कहा कि

  • ट्रंप की China नीति का मकसद नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि व्यापार असंतुलन को ठीक करना था
  • China ने दूसरे बाजारों में ज़्यादा बिक्री कर अपना सालाना सरप्लस एक ट्रिलियन डॉलर से ऊपर पहुंचा दिया है

हालांकि, उनके मुताबिक ट्रंप के लिए China से बड़ा मुद्दा रूस–यूक्रेन युद्ध है। रुबेनस्टीन ने दावा किया कि

  • ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के रिश्ते मजबूत हैं
  • दोनों नेता इस साल कम से कम दो बार मिल सकते हैं
  • किसी बड़े समझौते की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता
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