February 16, 2026

क्या 2024 YR4 हमारी सबसे बड़ी चुनौती है? क्षुद्रग्रह, चंद्रमा और परमाणु विकल्प पर वैज्ञानिक बहस

क्या आपने कभी सोचा है कि चाँद और पृथ्वी को बचाने के लिए इंसान को परमाणु हथियार तक इस्तेमाल करने का विचार करना पड़ सकता है? दिसंबर 2024 में वैज्ञानिकों ने एक नया क्षुद्रग्रह खोजा Asteroid 2024 YR4। इसका आकार करीब 180 फीट (55 मीटर) आंका गया है। शुरुआती आंकड़ों में इसकी 2032 में पृथ्वी से टकराने की संभावना 3.1% बताई गई थी — इतनी संभावना सुनकर चिंतित होना स्वाभाविक है, क्योंकि इससे किसी शहर के विनाश का खतरा बन सकता था।

खतरे में कमी, पर नया संकट: चाँद से टकराने की आशंका

राहत की बात यह रही कि आगे के माप और अवलोकन के बाद पृथ्वी से टकराने का जोखिम घटकर 0.28% रह गया — यानी अब संभावना लगभग 360 में 1 है। पर अब वैज्ञानिकों की प्रमुख चिंता यह है कि यह वस्तु पृथ्वी के बजाय चंद्रमा से टकरा सकती है। चाँद की सतह से टकराने पर वहाँ की धूल और छोटे-छोटे पत्थर (रेगोलिथ) अंतरिक्ष में उड़ जाएंगे। शोध बताते हैं कि इससे पृथ्वी की कक्षा में सूक्ष्म उल्कापिंडों की संख्या 1,000 गुना तक बढ़ सकती है जो उपग्रहों, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन और अंतरिक्ष यात्रियों के लिए गंभीर खतरा होगा।

रोकने का तरीका: DART से लेकर परमाणु विकल्प तक

नासा के पास एक कामयाब उदाहरण है 2022 का DART मिशन, जिसमें एक अंतरिक्ष यान को छोटे चंद्रमा डिमोर्फोस पर टक्कर करा कर उसकी कक्षा बदली गयी। यह हमें आशा देता है कि विक्षेपण संभव है। लेकिन 2024 YR4 के मामले में चुनौतियाँ भारी हैं: इसके द्रव्यमान, घनत्व और संरचना का पूरा ज्ञान अभी नहीं है, और 2032 तक अवलोकन के सीमित समय के कारण निर्णय लेना कठिन है। अगर किसी विक्षेपण (या टक्कर) को गलत तरीके से अंजाम दिया गया, तो यह न केवल असफल रह सकता है बल्कि क्षुद्रग्रह को पृथ्वी के और भी करीब ला सकता है।

परमाणु हड़ताल: अंतिम विकल्प या जोखिम भरा कदम?

इसीलिए वैज्ञानिक अब यह विचार कर रहे हैं कि क्या आवश्यकता पडने पर परमाणु हथियार के उपयोग से क्षुद्रग्रह को तोड़ना या उसकी दिशा बदलना आख़िरी विकल्प हो सकता है। परमाणु विकल्प तेज़ और ताकतवर है, पर यह भी जोखिम से खाली नहीं: विस्फोट से क्षुद्रग्रह के टुकड़े फैल सकते हैं, जिनका व्यवहार अनिश्चित होगा कहीं वे पृथ्वी की ओर बिखर न जाएँ। इसलिए हर कदम बहुत सावधानी और गहरा विश्लेषण मांगता है।

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