पुरी के जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार का रहस्य जल्द होगा उजागर
ओडिशा के पुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की गिनती बुधवार को शुभ मुहूर्त में शुरू हो गई है। इस दौरान मंदिर के सेवायत, सरकारी बैंकों के अधिकारी, रत्न विशेषज्ञ और भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि मौजूद हैं।
Jagannath Temple: मंदिर प्रशासन ने शुरू की रत्न भंडार की गिनती
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के अनुसार, इसके लिए निर्धारित कर्मचारी सुबह करीब 11:30 बजे पारंपरिक धोती और गमछा पहनकर मंदिर में प्रवेश किए। यह इन्वेंट्री प्रोसेस निर्धारित शुभ मुहूर्त दोपहर 12:09 बजे से 1:45 बजे के बीच शुरू किया गया। जिसमें केवल सिर्फ वही जा सकते हैं, जिन्हें इस गिनती और लिस्टिंग के लिए अधिकृत किया गया है।
Jagannath Temple: 1978 के बाद फिर हो रही है गिनती
आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की बहुप्रतीक्षित सूची (इन्वेंट्री) तैयार करने का प्रोसेस बुधवार को 48 साल बाद शुरू हो गया है। इससे पहले 1978 में यह गिनती हुई थी, जिसमें 128 किलो सोने के आभूषण और 221 किलो चांदी के आभूषण थे। अधिकारियों का कहना है कि इस बार आधुनिक तकनीक की मदद से गिनती को कम समय में पूरा कर लिया जाएगा।
सुरक्षा के कड़े इंदोबस्त
इस पूरी प्रक्रिया में मंदिर के सेवायत, सरकारी बैंकों के अधिकारी, रत्न विशेषज्ञ और भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। सोने के आभूषणों को पीले कपड़े, चांदी के आभूषणों को सफेद कपड़े और अन्य वस्तुओं को लाल कपड़े में लपेटकर छह विशेष रूप से तैयार संदूकों में रखा जा रहा है। इस दौरान 12वीं सदी के इस मंदिर में दैनिक पूजा-पाठ पर कोई असर नहीं होगा। श्रद्धालुओं को ‘बाहरा कथा(मंदिर के अंदर बाहरी बैरिकेड) से दर्शन की अनुमति दी गई है, जबकि ‘भीतरा कथा’ क्षेत्र में इस दौरान एंट्री बैन रहेगीJagannath Temple
