Lucknow: यूपी की राजधानी Lucknow में सामने आए KGMU धर्मांतरण मामले में आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक उर्फ डॉ. रमीज से पूछताछ के बाद कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 48 घंटे की रिमांड के दौरान आरोपी से 120 से अधिक सवाल पूछे गए, जिनमें से कई के जवाब बेहद चौंकाने वाले रहे।
Lucknow : मोबाइल और दो लैपटॉप से मिले अहम सबूत
Lucknow पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और दो लैपटॉप बरामद किए हैं। इनमें से एक लैपटॉप में रमीज ने करीब 13 साल का डिजिटल डेटा सेव कर रखा था। फॉरेंसिक टीम डिलीट किए गए चैट्स, नंबरों और फाइल्स को रिकवर करने में जुटी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ से पहले कई चैट्स और कॉन्टैक्ट्स डिलीट करने की कोशिश की थी।
Lucknow: धर्मांतरण के सवालों पर साधी चुप्पी
पूछताछ के दौरान जब आरोपी से धर्मांतरण के दबाव, महिला रेजिडेंट डॉक्टर से जुड़े आरोप और नेटवर्क के बारे में सवाल किए गए, तो उसने कई अहम सवालों पर चुप्पी साध ली। STF ने भी आरोपी से अलग से पूछताछ की है। सुरक्षा कारणों से पूछताछ गोपनीय स्थान पर कराई गई।
डॉ. परवेज और नेपाल कनेक्शन पर भी जवाब नहीं
पुलिस ने आरोपी से आगरा के डॉ. परवेज से संबंधों और नेपाल सीमा तक संपर्कों को लेकर भी सवाल किए, लेकिन रमीज ने इन पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। यह भी पूछा गया कि केस दर्ज होने के बाद वह किन-किन शहरों में गया, लेकिन इस पर भी आरोपी टालमटोल करता रहा।
Lucknow: ‘जन्नत’ नाम से हिंदू लड़कियों का अलग फोल्डर
मामले में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि आरोपी ने अपने लैपटॉप में ‘जन्नत’ नाम से एक अलग फोल्डर बना रखा था। इस फोल्डर में उन हिंदू लड़कियों के नाम, नंबर, फोटो और वीडियो रखे गए थे, जिनसे वह संपर्क में रहा था। सूत्रों के अनुसार, रमीज जिस भी हिंदू लड़की के संपर्क में आता था, उसका पूरा डेटा डिजिटल रूप से संभाल कर रखता था।
कॉल गर्ल्स का डेटा भी मिला
लैपटॉप के एक अन्य फोल्डर में कॉल गर्ल्स का पूरा डेटा मिला है, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर और अन्य जानकारियां शामिल हैं। सूत्रों का दावा है कि इन कॉल गर्ल्स का इस्तेमाल वह धर्मांतरण नेटवर्क में युवाओं को फंसाने के लिए करता था।
Lucknow: 50 से ज्यादा युवतियों के आपत्तिजनक वीडियो
पुलिस को दूसरे लैपटॉप से 50 से अधिक युवतियों के वीडियो मिले हैं। इनमें आरोपी की पहली पत्नी के साथ-साथ अन्य लड़कियों के वीडियो भी शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि इन वीडियो का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग और दबाव बनाने के लिए किया जाता था।
मेडिकोज ग्रुप से नेटवर्क फैलाने का आरोप
पूछताछ में यह भी सामने आया कि KGMU मेडिकोज ग्रुप के जरिए रमीज का मेडिकल छात्रों और अन्य युवाओं पर प्रभाव था। हालांकि, इस ग्रुप को लेकर आरोपी ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया, लेकिन उसने तीन मददगारों के नाम जरूर बताए हैं। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े तकनीकी सुरागों की जांच की जा रही है।
माता-पिता की भूमिका से किया इनकार
धर्मांतरण मामले में आरोपी ने अपने माता-पिता की किसी भी भूमिका से इनकार किया है। उसने माना कि वह पीड़िता के संपर्क में था और दोनों की मुलाकात होती थी, लेकिन धर्मांतरण के प्रयास में परिवार की कोई भूमिका नहीं थी।
खुद ही तैयार करता था अपनी ‘क्राइम कुंडली’
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रमीज पिछले 13 सालों से अपनी हर गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड खुद ही तैयार कर रहा था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वह कई बार नशे की हालत में आपत्तिजनक गतिविधियों को अंजाम देता था।
जांच जारी, फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल, बरामद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की फॉरेंसिक जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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