August 29, 2026

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मध्य प्रदेश सरकार का फेक न्यूज पर सख्त जवाब: सोशल मीडिया पर वायरल अफवाहें

मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में सोशल मीडिया पर फैल रही एक बड़ी अफवाह का कड़ा जवाब दिया है। अफवाह में कथित तौर पर OBC रिज़र्वेशन मामले से जुड़ी विवादित टिप्पणियों और जाति व्यवस्था से जुड़े बयानों को जोड़कर प्रस्तुत किया गया था। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये बयान उनके सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे का हिस्सा नहीं हैं। ये न तो किसी सरकारी नीति का हिस्सा हैं और न ही किसी घोषणा का।

महाजन आयोग की रिपोर्ट का संदर्भ

सरकार ने बताया कि वायरल हो रही बातें 1983 में मध्य प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (महाजन आयोग) की अंतिम रिपोर्ट से ली गई हैं। यह आयोग 1980 में बनाया गया था और इसका अध्यक्ष श्री रामजी महाजन थे। रिपोर्ट में 35 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया और केवल 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है।

सरकार ने यह स्पष्ट किया कि महाजन आयोग की सिफारिशें वर्तमान फैसले का आधार नहीं हैं। विभिन्न पिछड़ा वर्ग आयोगों की रिपोर्टें सिर्फ़ आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा रही हैं और इन्हें हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किया गया था।

सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारी

सरकार ने चेतावनी दी है कि इन आधिकारिक दस्तावेज़ों के कुछ हिस्सों को तोड़-मरोड़ कर और संदर्भ से हटाकर सोशल मीडिया पर फैलाना जालसाजी और मालिशियस प्रोपेगैंडा है। बिना पुष्टि के ऐसी अफवाहों पर विश्वास करना समाज और नागरिकों के लिए खतरा है।

मध्य प्रदेश सरकार ने जनता से अपील की है कि वे केवल भरोसेमंद और आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें। सोशल मीडिया पर फैल रही झूठी खबरों पर ध्यान न दें और सतर्क रहें।

सच और तथ्य की तलाश में ही समाज मजबूत होता है

सरकार ने यह भी कहा कि देश और समाज तभी मजबूत होंगे जब लोग सच और तथ्य की खोज करेंगे। अफवाहों और फेक न्यूज पर ध्यान देने से केवल भ्रम और अविश्वास फैलता है। इसलिए नागरिकों से यह आग्रह है कि वे केवल आधिकारिक घोषणाओं, सरकारी नोटिफिकेशन और भरोसेमंद मीडिया रिपोर्ट्स पर ही भरोसा करें।

मध्य प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही OBC रिज़र्वेशन मामले की अफवाहें पूरी तरह से भ्रामक और गलत हैं। महाजन आयोग की रिपोर्टें केवल संदर्भ और रिकॉर्ड का हिस्सा हैं, न कि वर्तमान सरकारी नीति। नागरिकों को सतर्क रहकर केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लेनी चाहिए। यही रास्ता है जिससे समाज और देश मजबूत बनेंगे।

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