Nepal: नेपाल और भारत के बीच सदियों पुराने मजबूत कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को और गहरा करने के उद्देश्य से नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे हैं। इस यात्रा को दोनों पड़ोसी देशों के बीच उच्च स्तरीय संवाद की निरंतर परंपरा का हिस्सा माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि यह दौरा भारत-नेपाल विशेष साझेदारी को और मजबूत करेगा। खनाल की यह पहली भारत यात्रा है, जो हाल ही में पदभार संभालने के बाद हो रही है। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब क्षेत्रीय सहयोग, सीमा संपर्क और आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देने पर जोर दिया जा रहा है।
Nepal: जाने क्या है यात्रा का मकसद
इस यात्रा के दौरान शनिवार को नेपाल के विदेश मंत्री की मुलाकात भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) से होगी। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा सहयोग, विकास साझेदारी और जन-संबंधों को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। दोनों पक्षों का उद्देश्य रेल, सड़क, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गति देना है। भारत-नेपाल संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में देखा जाता है, जिसमें सीमा पार संपर्क और सांस्कृतिक रिश्ते भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस बैठक को दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को और मजबूत करने के एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
नेपाल ने बढ़ाई राजनीतिक और कूटनीतिक सक्रियता
इस बीच, Nepal की राजनीति और कूटनीति में सक्रियता बढ़ी है, और हाल ही में विभिन्न उच्च स्तरीय बैठकों के बाद यह दौरा और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि दोनों देश व्यापक एजेंडे पर काम कर रहे हैं, जिसमें आर्थिक सहयोग से लेकर क्षेत्रीय स्थिरता तक शामिल है। काठमांडू (Kathmandu) लौटने से पहले खनाल कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिससे आने वाले समय में भारत-नेपाल संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा दोनों देशों के बीच “पड़ोसी प्रथम नीति” को और मजबूत करेगा और भविष्य में रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगा।