पटना/नई दिल्ली। एक वीडियो से शुरू हुआ विवाद अब अंतरराष्ट्रीय बयानबाज़ी तक पहुंच गया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़ा एक वीडियो सामने आने के बाद देश की राजनीति और सोशल मीडिया में हड़कंप मच गया। वीडियो में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान एक महिला का घूंघट हटने जैसा दृश्य दिखाई देता है। इसी क्लिप को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं और मामले की जांच की मांग हो रही है।फिलहाल इस पूरे प्रकरण में कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है, लेकिन विवाद के बीच अब पाकिस्तान से एक ऐसा बयान आया है, जिसने इस मुद्दे को और संवेदनशील बना दिया है।

क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि यह वीडियो एक सरकारी कार्यक्रम का है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नियुक्ति पत्र वितरित कर रहे थे। इसी दौरान कैमरे में एक ऐसा दृश्य कैद हुआ, जिसमें एक महिला का घूंघट हटने जैसा प्रतीत होता है।
पाकिस्तान के डॉन शहज़ाद भट्टी की एंट्री
विवाद के बीच पाकिस्तान के कुख्यात डॉन शहज़ाद भट्टी का एक वीडियो बयान सामने आया है। इस वीडियो में उसने कहा कि वह इस घटना को लेकर चुप नहीं बैठेगा और नीतीश कुमार के खिलाफ सख़्त कदम उठाने की बात इस बयान को भारत में धमकी भरा और उकसाने वाला माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि विशेषज्ञ साफ कह रहे हैं कि ऐसे बयानों का भारतीय कानूनी प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
सोशल मीडिया ट्रायल बनाम कानूनी प्रक्रिया
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या वायरल वीडियो ही सच्चाई तय करेगा? या फिर जांच और कानून को अपना काम करने दिया जाएगा? आज के दौर में किसी भी वीडियो के सामने आते ही नैरेटिव तय कर दिया जाता है, जबकि कानूनी प्रक्रिया समय लेकर सच्चाई सामने लाती है।

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