भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए सीजफायर समझौते ने उम्मीद की एक किरण जगाई थी कि शायद अब तनाव कम होगा और सीमा पर शांति लौटेगी। लेकिन यह उम्मीद महज तीन घंटे में ही टूट गई जब पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी फितरत दिखा दी। समझौते के कुछ ही देर बाद पाकिस्तान ने ड्रोन के जरिए भारत में घुसपैठ और हमला करने की कोशिश की, जिसे भारतीय सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया।
शशि थरूर का तंज – “उसकी फितरत है मुकर जाने की…”
पाकिस्तान की इस हरकत पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने तीखा तंज कसते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा –
“उसकी फितरत है मुकर जाने की, उसके वादे पे यकीं कैसे करूं?”
थरूर ने इस बयान के साथ पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सीजफायर समझौते से खुशी थी क्योंकि भारत कभी लंबे युद्ध का समर्थक नहीं रहा, लेकिन भारत ने आतंकवादियों को कड़ा सबक सिखाया है, जिससे पाकिस्तान बौखला गया है।
अमेरिका की पहल, पाकिस्तान का धोखा
शनिवार को जब भारत-पाक तनाव चरम पर था, उसी समय अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्वीट कर दोनों देशों के बीच संघर्ष रोकने के समझौते की जानकारी दी। इसके बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने भी पुष्टि की कि पाकिस्तान के प्रस्ताव पर भारत संघर्ष आगे न बढ़ाने के लिए तैयार है। लेकिन पाकिस्तान ने इस समझौते को चंद घंटों में ही तोड़ दिया और ड्रोन हमलों की साजिश शुरू कर दी।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने सक्रिय रहते हुए न सिर्फ इन ड्रोन को मार गिराया, बल्कि सीमाओं पर अतिरिक्त सतर्कता भी बढ़ा दी गई है। इससे एक बार फिर स्पष्ट हो गया कि पाकिस्तान शांति का ढोंग तो करता है, लेकिन व्यवहार में उकसावे और धोखे की नीति अपनाता है।
पहलगाम हमले से शुरू हुआ नया तनाव
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ भीषण आतंकी हमला इस ताजा तनाव की जड़ रहा। हमले में दर्जनों लोगों की जान चली गई, जिसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर पूरी तरह तबाह कर दिया गया।
इस हमले से बौखलाए पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों की रणनीति अपनाई, लेकिन भारत की सेना ने हर साजिश को विफल कर दिया।
भारत की स्पष्ट नीति: शांति की पहल, लेकिन जवाब भी मुंहतोड़
भारत ने हमेशा शांति को प्राथमिकता दी है। लेकिन जब बात राष्ट्रीय सुरक्षा की हो, तो भारत का रुख स्पष्ट और कठोर रहा है। हालिया घटनाएं एक बार फिर यह साबित करती हैं कि भारत किसी भी उकसावे को बर्दाश्त नहीं करेगा।
सरकार और सेना दोनों ने यह संकेत दे दिया है कि पाकिस्तान यदि इस तरह की गतिविधियां जारी रखता है, तो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा।

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