Parliament Monsoon Session 2026
Parliament Monsoon Session 2026: संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे ‘लापता’, ‘भाग गए’ और ‘भगोड़ा’ जैसे शब्दों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा भारत के सार्वजनिक और संसदीय जीवन में सुनने को मिल रही है। अमित शाह ने कहा कि संसद सत्र शुरू होने के बाद से वह लगातार संसद आ रहे हैं और अपने चेंबर में बैठ रहे हैं। उनके मुताबिक, जब विपक्ष दोनों सदनों की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है तो वह सदन में जाकर क्या करेंगे।
NEET छात्रों के मुद्दे पर चर्चा के लिए सरकार तैयार
अमित शाह ने NEET आंदोलन से जुड़े छात्रों के मुद्दे पर सरकार का रुख भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार इस मुद्दे पर हर तरह की चर्चा के लिए तैयार है। अमित शाह ने कहा कि उन्होंने खुद भी संसद में किसी भी सवाल का जवाब देने की बात कही है। उनका आरोप है कि विपक्ष चर्चा ही नहीं होने देना चाहता। उन्होंने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह सदन में बैठकर विपक्ष के सभी सवाल सुनने और उनका जवाब देने के लिए तैयार हैं।
अमित शाह की विपक्ष को खुली चुनौती
गृह मंत्री ने विपक्ष को एक तरह से खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर चर्चा करनी है तो विपक्ष दोपहर 3 बजे तक लोकसभा अध्यक्ष को पत्र दे सकता है। उन्होंने कहा कि 3 बजे से अगले दिन 3 बजे तक सभी तरह की चर्चा के लिए सरकार तैयार है। अमित शाह ने कहा कि वह खुद सदन में मौजूद रहेंगे और सभी सवालों का जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि अब जनता को तय करना चाहिए कि वास्तव में कौन संसद से भाग रहा है और कौन चर्चा से बच रहा है।
सोशल मीडिया पर अमित शाह के बयान को लेकर बहस

अमित शाह के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि कुछ लोगों ने बीजेपी पर ही संसदीय भाषा की मर्यादा को लेकर सवाल उठाए। एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बीजेपी नेताओं को भाषा की मर्यादा की बात नहीं करनी चाहिए। वहीं एक अन्य यूजर ने सरकार और विपक्ष दोनों की बयानबाजी पर सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं से साफ है कि संसद में जारी राजनीतिक टकराव का असर ऑनलाइन बहस में भी दिखाई दे रहा है।
संसद में गतिरोध के बीच बढ़ी सियासी तकरार
मॉनसून सत्र के दौरान NEET छात्रों से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष लगातार चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सरकार चर्चा के लिए तैयार होने की बात कह रही है। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना हुआ है। अमित शाह के ताजा बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि विपक्ष चर्चा के लिए प्रस्ताव देता है या नहीं और संसद की कार्यवाही सामान्य रूप से आगे बढ़ पाती है या नहीं। संसद के भीतर जारी गतिरोध के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।