August 28, 2026

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श्याम की दुल्हन बन गईं बदायूँ की पिंकी: कृष्ण मूर्ति से लिए सात फेरे, गूँजा पूरा गाँव!

उत्तर प्रदेश के बदायूँ जिले के छोटे से गाँव ब्योर कासिमाबाद में शनिवार का सवेरा कुछ अलग ही रंग में रंगा था। शहनाई की मधुर धुन, मेहंदी की खुशबू, लाल जोड़े की चमक और मंत्रोच्चार की गूँज… सब कुछ वैसा ही था, जैसा किसी आम हिंदुस्तानी शादी में होता है। बस एक फर्क था, दूल्हा कोई इंसान नहीं, स्वयं नटवर नागर श्रीकृष्ण की प्रतिमा थे।

मीरा बनीं 28 साल की पिंकी शर्मा

28 वर्षीय पिंकी शर्मा ने ठान लिया था कि उनका जीवनसाथी कोई सांसारिक पुरुष नहीं, बल्कि वो श्यामसुंदर होंगे जिनके नाम से उनका मन बचपन से रमता आया है। लाल दुपट्टे से ढके सिर, हाथों में मेहंदी और गोद में श्रीकृष्ण की मूर्ति लिए पिंकी जब बारात (जो सिर्फ मूर्ति की थी) के स्वागत को निकलीं, तो पूरा गाँव आँखें पोंछता रहा। कोई इसे आस्था की पराकाष्ठा कह रहा था, तो किसी की आँखों में खुशी के आँसू थे।

परिवार ने निभाई हर रस्म पूरी श्रद्धा से

परिवार ने पिंकी की भावना का सम्मान करते हुए कोई कसर नहीं छोड़ी। कन्यादान हुआ, मंगल गीत गाए गए, पंडित जी ने मंत्र पढ़े। दूल्हे की तरफ से पिंकी के जीजा इंद्रेश शर्मा ने सभी रस्में निभाईं। फिर आया वो पल… जब पिंकी ने कृष्ण मूर्ति को गोद में उठाया और सात फेरे लिए। हर फेरे में उनके होंठों पर सिर्फ एक नाम था, “राधे-राधे… श्याम मिला दे…”

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“मैं अब श्याम की दुल्हन हूँ”

फेरों के बाद पिंकी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मैंने ये फैसला किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी गहरी भक्ति और प्रेम के कारण लिया है। आज से मैं श्याम की दुल्हन हूँ और मेरा पूरा जीवन उनके चरणों में समर्पित है।”

गाँव ने सराहा, सोशल मीडिया पर छाईं तस्वीरें

गाँव वालों ने इसे पूरे मन से स्वीकार किया। कोई इसे आधुनिक मीरा की कहानी बता रहा है, तो कोई कह रहा है कि ये सच्ची भक्ति का जीता-जागता प्रमाण है। सोशल मीडिया पर पिंकी की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग लिख रहे हैं, “आस्था जब हृदय में बस जाए, तो दुनिया की कोई दीवार उसे रोक नहीं सकती।”

पिंकी शर्मा की ये अनोखी शादी एक बार फिर याद दिलाती है कि प्रेम और भक्ति की कोई सीमा नहीं होती। ये कहानी समाज के नियमों से परे, सिर्फ और सिर्फ एक आत्मा की पुकार है, जो सदियों से राधा-मीरा बनकर गूँजती आई है।

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