प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जॉर्डन दौरा भारत-जॉर्डन संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ रहा है। यह यात्रा दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुई, जो आपसी सम्मान, भरोसे और मजबूत साझेदारी को दर्शाती है। 15-16 दिसंबर 2025 को अम्मान में पीएम मोदी का भव्य स्वागत हुआ और कई महत्वपूर्ण समझौते हुए।
क्राउन प्रिंस का खास इशारा: खुद चलाई कार
दौरे का सबसे चर्चित पल तब आया जब जॉर्डन के क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय ने खुद गाड़ी चलाकर पीएम मोदी को जॉर्डन म्यूजियम ले गए। यह दुर्लभ इशारा दोनों देशों के बीच गहरे भरोसे और दोस्ती का प्रतीक माना जा रहा है। क्राउन प्रिंस पैगंबर मोहम्मद के 42वीं पीढ़ी के प्रत्यक्ष वंशज हैं, जिससे यह क्षण और भी ऐतिहासिक हो गया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर इसकी सराहना की। यह दृश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर रहा है।
किंग अब्दुल्ला से मुलाकात और आतंकवाद पर एकजुटता
पीएम मोदी ने जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय से अल हुसैनिया पैलेस में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की, जिसमें आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ साझा रणनीति पर जोर दिया गया। पीएम मोदी ने जॉर्डन के नेतृत्व की खुलकर सराहना की और कहा कि जॉर्डन ने आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट एवं मजबूत संदेश दिया है। भारत और जॉर्डन इस मुद्दे पर एकसमान सोच रखते हैं और वैश्विक मंचों पर सहयोग करते रहे हैं। क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता में जॉर्डन की भूमिका को भारत ने महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।
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दौरा क्यों खास: 75 साल की दोस्ती को नई मजबूती
किंग अब्दुल्ला ने पीएम मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि यह दौरा इसलिए खास है क्योंकि दोनों देश राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष मना रहे हैं। यह यात्रा दशकों पुरानी दोस्ती, आपसी सम्मान और भरोसे को और मजबूत करेगी। दोनों देश नागरिकों की समृद्धि के लिए सहयोग गहरा करना चाहते हैं। पीएम मोदी ने भी इसे ऐतिहासिक बताया और व्यापार को 5 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा।
प्रमुख समझौते: नए क्षेत्रों में सहयोग
दौरे में पांच महत्वपूर्ण समझौते हुए:
- नवीकरणीय ऊर्जा में तकनीकी सहयोग
- जल संसाधन प्रबंधन एवं विकास
- पेट्रा और एलोरा के बीच ट्विनिंग समझौता
- 2025-2029 तक सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का नवीनीकरण
- डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग
ये समझौते संस्कृति, ऊर्जा, जल और डिजिटल क्षेत्रों में संबंधों को नई दिशा देंगे। जॉर्डन भारत की डिजिटल सफलताओं से जुड़ना चाहता है।

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