भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में हाल ही में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। BCCI के नियमों के अनुसार, 70 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति बोर्ड के शीर्ष पद पर नहीं रह सकता। इसी नियम के चलते BCCI के अध्यक्ष रोजर बिन्नी ने अपने कार्यकाल के समाप्त होने से पहले ही पद छोड़ दिया है। उनकी जगह बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह बदलाव भारतीय क्रिकेट प्रशासन में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देता है। आइए, इस बदलाव के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से समझते हैं।
रोजर बिन्नी का इस्तीफा: उम्र सीमा नियम का प्रभाव
रोजर बिन्नी को अक्टूबर 2022 में सौरव गांगुली के बाद BCCI का 36वां अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। हालांकि, 70 वर्ष से अधिक आयु होने के कारण उन्हें यह पद छोड़ना पड़ा। BCCI के संविधान में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि कोई भी पदाधिकारी 70 वर्ष की आयु के बाद अपने पद पर बने नहीं रह सकता। यह नियम यह सुनिश्चित करता है कि बोर्ड का नेतृत्व हमेशा ऊर्जावान और सक्रिय रहे। बिन्नी के नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम ने ICC टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई और वनडे वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया। इसके अलावा, टी20 वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े खिताब भी भारत ने उनके कार्यकाल में अपने नाम किए। बिन्नी का योगदान भारतीय क्रिकेट के लिए हमेशा याद रखा जाएगा।
राजीव शुक्ला की अंतरिम नियुक्ति
रोजर बिन्नी के इस्तीफे के बाद BCCI ने त्वरित निर्णय लेते हुए उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला को अंतरिम अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया है। यह एक अस्थायी व्यवस्था है, जिसके तहत शुक्ला बोर्ड के दैनिक कार्यों को संभालेंगे। राजीव शुक्ला एक अनुभवी प्रशासक हैं और लंबे समय से BCCI के साथ विभिन्न भूमिकाओं में जुड़े रहे हैं। उनकी नियुक्ति से बोर्ड के संचालन में निरंतरता बनी रहेगी। हालांकि, यह स्पष्ट है कि यह व्यवस्था केवल तब तक के लिए है, जब तक कि BCCI अपने अगले स्थायी अध्यक्ष का चयन नहीं कर लेता।
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नया अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया
रिपोर्ट्स के अनुसार, BCCI जल्द ही अपने नए अध्यक्ष के चयन के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू करेगा। माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया उस समय आयोजित की जाएगी, जब भारतीय क्रिकेट टीम एशिया कप में भाग ले रही होगी। इस दौरान बोर्ड के सदस्य नए अध्यक्ष के चयन के लिए एक विशेष बैठक आयोजित करेंगे। यह प्रक्रिया न केवल BCCI के लिए बल्कि भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बोर्ड का नेतृत्व भारतीय क्रिकेट के भविष्य को आकार देता है। नए अध्यक्ष के चयन में अनुभव, नेतृत्व क्षमता और क्रिकेट के प्रति समर्पण जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
भारतीय क्रिकेट के लिए नया अध्याय
BCCI में यह बदलाव भारतीय क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। रोजर बिन्नी के कार्यकाल में भारतीय टीम ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं, और अब राजीव शुक्ला के नेतृत्व में बोर्ड का अंतरिम संचालन शुरू हो चुका है। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अगला स्थायी अध्यक्ष कौन होगा और वे भारतीय क्रिकेट को किस दिशा में ले जाएंगे। यह समय भारतीय क्रिकेट के लिए न केवल चुनौतियों का है, बल्कि नई संभावनाओं का भी है। BCCI का नया नेतृत्व निश्चित रूप से भारतीय क्रिकेट को और ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में काम करेगा।
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